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बरेली में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कमी ने आम लोगों की रसोई की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर के कई गैस एजेंसियों पर बुकिंग ठप पड़ गई है और जिन उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन या फोन से सिलेंडर बुक कराया है, उन्हें भी समय पर डिलीवरी नहीं मिल रही। हालात यह हैं कि लोग एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े होकर सिलेंडर पाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच शिकायत दर्ज कराने के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर भी कई बार बंद मिलने से लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कुछ एजेंसियों में फर्जी बुकिंग दिखाकर सिलेंडर स्टॉक किए जा रहे हैं और बाद में उन्हें महंगे दामों पर बेचा जा रहा है।

गैस किल्लत से शहर में मचा हाहाकार

बरेली शहर में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी ने लोगों की दैनिक जिंदगी को प्रभावित कर दिया है। घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडरों की सप्लाई बाधित होने से हजारों उपभोक्ता परेशान हैं। कई गैस एजेंसियों पर बुकिंग की प्रक्रिया प्रभावित हो गई है। कुछ जगह फोन और ऑनलाइन बुकिंग काम नहीं कर रही, जबकि कई उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी सिलेंडर मिलने में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण लोगों को खाना बनाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों ने अस्थायी तौर पर इंडक्शन या अन्य विकल्पों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले जहां बुकिंग के एक-दो दिन में सिलेंडर मिल जाता था, वहीं अब तीन से चार दिन बाद भी डिलीवरी नहीं हो रही।

एजेंसियों पर लंबी कतारों में लगने को मजबूर लोग

ऑनलाइन और फोन से बुकिंग में दिक्कत होने के कारण लोग सीधे गैस एजेंसियों के दफ्तर पहुंच रहे हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में संचालित एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लगने लगी हैं। कई उपभोक्ता घंटों लाइन में लगकर अपनी बुकिंग दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं। भीड़ बढ़ने के कारण कई जगहों पर बहस और नाराजगी की स्थिति भी देखने को मिली है। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसियों के कर्मचारी स्पष्ट जानकारी भी नहीं दे रहे कि सिलेंडर कब तक मिलेगा।

फर्जी बुकिंग और कालाबाजारी के आरोप

गैस संकट के बीच कुछ एजेंसियों पर गंभीर आरोप भी लगने लगे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि कुछ जगहों पर पुराने कनेक्शन नंबरों से फर्जी बुकिंग दिखाकर सिलेंडर स्टॉक किए जा रहे हैं। इसके बाद इन्हें जरूरतमंद लोगों को अधिक कीमत पर बेचने की कोशिश की जा रही है। जब असली उपभोक्ता अपने कनेक्शन नंबर से बुकिंग कराने पहुंचते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि उनके नंबर से पहले ही बुकिंग और डिलीवरी हो चुकी है। इस तरह की शिकायतों ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है और कई उपभोक्ताओं ने प्रशासन से जांच की मांग की है।

हेल्पलाइन नंबर भी नहीं दे रहा राहत

गैस एजेंसियों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए जिला पूर्ति कार्यालय ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया था। इस नंबर के माध्यम से उपभोक्ता बुकिंग, डिलीवरी में देरी या अधिक कीमत वसूली जैसी समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकते थे। लेकिन कई उपभोक्ताओं का कहना है कि यह नंबर अक्सर बंद मिलता है या कॉल रिसीव नहीं होती। ऐसे में लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि शिकायत कहां और कैसे दर्ज कराई जाए। हेल्पलाइन के बंद रहने से उपभोक्ताओं में असंतोष और बढ़ता जा रहा है।

एजेंसी संचालकों का पक्ष

गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि अचानक बुकिंग की संख्या बहुत बढ़ गई है। उनका दावा है कि सप्लाई सीमित होने और डिलीवरी स्टाफ की कमी के कारण समय पर सिलेंडर पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। एजेंसी संचालकों के अनुसार जैसे ही सप्लाई सामान्य होगी, सभी लंबित बुकिंग की डिलीवरी कर दी जाएगी। हालांकि उपभोक्ता इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हैं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो शहर में गैस संकट और गहरा सकता है।

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