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नोएडा में इंटीरियर डिजाइन के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घरों को खूबसूरत बनाने का सपना दिखाकर एक शातिर आरोपी ने करीब 20 लोगों से लगभग 2 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्य अभी फरार हैं। इस खुलासे ने शहर में हड़कंप मचा दिया है।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने लोगों के सपनों के घर को डरावनी हकीकत में बदल दिया। थाना सेक्टर-63 पुलिस ने इंटीरियर वर्क के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी गुड्डू आलम (35 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और वर्तमान में ग्रेटर नोएडा के बिसरख क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी B.Tech पास है और खुद को प्रोफेशनल इंटीरियर डिजाइनर बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। उसने सेक्टर-63 में i Home Master Private Limited नाम से कंपनी खोल रखी थी। इसी कंपनी के जरिए वह घरों और फ्लैटों में इंटीरियर वर्क कराने के नाम पर लोगों से भारी-भरकम रकम वसूलता था।

 ऐसे चलता था ठगी का खेल

गुड्डू आलम पहले ग्राहकों से संपर्क करता और उन्हें आकर्षक डिज़ाइन, कम कीमत और शानदार फिनिशिंग का भरोसा देता। जब ग्राहक तैयार हो जाते तो उनसे एग्रीमेंट करवा कर कुल लागत का 50 से 60 प्रतिशत एडवांस के रूप में ले लेता।एडवांस लेने के बाद वह घर या फ्लैट में लेबर लगाकर तोड़फोड़ शुरू करवा देता, ताकि ग्राहक किसी और इंटीरियर डिजाइनर के पास न जा सके। इसके बाद या तो काम अधूरा छोड़ देता या जानबूझकर देरी करता। इसी बीच वह नए ग्राहकों से पैसे लेकर पुराने प्रोजेक्ट को नजरअंदाज कर देता। अगर कोई ग्राहक पैसे वापस मांगता तो आरोपी गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी तक देने से नहीं चूकता था। इस तरह करीब 20 लोगों से लगभग 2 करोड़ रुपये की ठगी की गई।

ग्रेटर नोएडा का 10 लाख वाला मामला

जांच में यह भी सामने आया कि ग्रेटर नोएडा के एक फ्लैट में इंटीरियर के लिए करीब 10 लाख रुपये लिए गए थे। लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया। जब फ्लैट मालिक ने पैसे वापस मांगे तो उसे धमकियां दी गईं और अभद्र व्यवहार किया गया। इसके बाद पीड़ितों ने थाना सेक्टर-63 में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की सटीक कार्रवाई

एडीसीपी सेंट्रल नोएडा संतोष कुमार ने बताया कि पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपी को दबोचा। गिरफ्तारी के दौरान उसके ऑफिस से 6 मॉनिटर, 6 CPU, 6 कीबोर्ड और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह में कुल पांच लोग शामिल थे, जिनमें से चार अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है और जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा।

सोशल मीडिया का सहारा

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह कुछ चुनिंदा प्रोजेक्ट पूरे करके उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालता था। इससे नए ग्राहकों का भरोसा जीतने में उसे मदद मिलती थी। फोन कॉल और ऑनलाइन प्रचार के जरिए वह अधिक से अधिक लोगों को आकर्षित करता था। ग्राहकों से ली गई रकम का इस्तेमाल वह अपने निजी शौक और ऐशो-आराम में करता था। पुलिस अब उसके बैंक खातों और लेन-देन की भी जांच कर रही है।

पीड़ितों की आपबीती

कई पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई घर को सुंदर बनाने के लिए लगाई थी, लेकिन आरोपी ने उनके सपनों को तोड़ दिया। कुछ परिवारों के घर महीनों तक अधूरे पड़े रहे, जिससे उन्हें किराये पर रहना पड़ा और दोहरी आर्थिक मार झेलनी पड़ी।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी गुड्डू आलम को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। नोएडा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कंपनी या व्यक्ति को एडवांस भुगतान करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें। कंपनी का रजिस्ट्रेशन, पिछले काम और ग्राहक समीक्षाएं अवश्य देखें।

सावधानी ही सुरक्षा

यह मामला उन लोगों के लिए चेतावनी है जो अपने घर के इंटीरियर के लिए बड़ी रकम निवेश करते हैं। आकर्षक ऑफर, कम कीमत और बड़े-बड़े वादों के झांसे में आने से पहले पूरी जानकारी लेना बेहद जरूरी है। नोएडा पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है, लेकिन यह भी साफ हो गया है कि ठग अब नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। फिलहाल मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो चुका है, लेकिन चार फरार आरोपियों की तलाश जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

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