सनातन से ऊपर कोई नहीं’: अयोध्या से सीएम योगी का तीखा संदेश, साजिशों का किया ज़िक्र
अयोध्या: रामनगरी अयोध्या एक बार फिर अपने ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संदेश को लेकर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में आ गई है। राम मंदिर परिसर में प्राण-प्रतिष्ठा द्वादशी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसा संबोधन दिया, जिसने आस्था, राजनीति और इतिहास—तीनों को एक सूत्र में बाँध दिया। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सनातन धर्म से ऊपर कोई नहीं है और यह भी जोड़ा कि कुछ लोगों ने अयोध्या से षड्यंत्र किया, लेकिन वे अपने मंसूबों में कभी सफल नहीं हो सके।
अयोध्या: जहां आस्था ने हर साजिश को परास्त किया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में अयोध्या के संघर्ष और उसकी आध्यात्मिक शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वही धरती है जिसने सदियों तक पीड़ा सही, लेकिन अपने संस्कार और आस्था को कभी कमजोर नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि—कुछ लोगों ने अयोध्या को लहूलुहान करने का प्रयास किया, लेकिन प्रभु श्रीराम की कृपा और बजरंग बली की रक्षा के आगे कोई साजिश सफल नहीं हो सकी।
सीएम योगी ने याद दिलाईं तीन ऐतिहासिक तारीखें
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों की तीन ऐतिहासिक घटनाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिन्हें उन्होंने सनातन धर्म के पुनर्जागरण की धुरी बताया।
5 अगस्त 2020
सीएम योगी ने कहा— याद करिए 5 अगस्त 2020, जब देश का कोई प्रधानमंत्री स्वयं अयोध्या धाम पधारा और 500 वर्षों के कलंक को समाप्त करते हुए राम जन्मभूमि के कार्यक्रम को अपने करकमलों से संपन्न किया। यह दिन उस ऐतिहासिक संघर्ष का प्रतीक बना, जब राम मंदिर निर्माण की नींव रखी गई।
22 जनवरी 2024
मुख्यमंत्री ने दूसरी तारीख का ज़िक्र करते हुए कहा— 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री मोदी फिर अयोध्या आए और श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा अपने करकमलों से संपन्न की। यह दिन करोड़ों रामभक्तों के लिए भावनात्मक चरम बिंदु बन गया, जब रामलला भव्य गर्भगृह में विराजमान हुए।
25 नवंबर (विवाह पंचमी)
सीएम योगी ने तीसरी अहम तारीख का ज़िक्र करते हुए कहा— “विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री ने राम मंदिर के मुख्य शिखर पर सनातन धर्म की ध्वजा प्रतिष्ठित की और पूरी दुनिया को संदेश दिया कि सनातन से ऊपर कोई नहीं।” उन्होंने कहा कि यह केवल ध्वजा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।
यहां तो हनुमान जी स्वयं विराजमान हैं
सीएम योगी ने अपने संबोधन में अयोध्या की सुरक्षा और आध्यात्मिक शक्ति का ज़िक्र करते हुए भावुक अंदाज़ में कहा— जहां प्रभु की कृपा हो और बजरंग बली स्वयं रक्षा कर रहे हों, वहां भूत-पिशाच निकट नहीं आवे… यहां तो हनुमान जी स्वयं विराजमान हैं, फिर कोई आतंकी यहां कैसे प्रवेश कर सकता है? यह बयान सीधे तौर पर अयोध्या पर हुए पुराने आतंकी हमलों और साजिशों की ओर संकेत करता है।
पूर्ववर्ती सरकारों पर परोक्ष हमला
सीएम योगी ने अपने संबोधन में बिना नाम लिए पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि— जिनके शासन में अयोध्या को लहूलुहान करने का प्रयास हुआ, उन्होंने इस पवित्र धरा की पीड़ा नहीं समझी। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या सुरक्षित है, गौरवशाली है और विश्व पटल पर सनातन संस्कृति का प्रतीक बन चुकी है।
अयोध्या अब संघर्ष नहीं, गौरव का प्रतीक
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या का संघर्ष अब इतिहास बन चुका है। आज यह नगरी—
- सांस्कृतिक पुनर्जागरण
- धार्मिक पर्यटन
- राष्ट्रीय एकता
- और सनातन चेतना
- का केंद्र बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा का प्रतिबिंब है।
सनातन का संदेश, दुनिया के नाम
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के अंत में कहा कि सनातन धर्म किसी एक पंथ तक सीमित नहीं, बल्कि यह मानवता, करुणा और मर्यादा का मार्ग है। उनका कहना था कि— सनातन की पताका यूं ही लहराती रहेगी और पूरी दुनिया को भारत की सांस्कृतिक शक्ति का संदेश देती रहेगी।”