भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक इतिहास में मंगलवार का दिन एक नए युग की शुरुआत के रूप में दर्ज हो गया, जब नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में हुए इस ऐतिहासिक आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने इस फैसले को और भी खास बना दिया। सबसे कम उम्र में इस पद तक पहुंचने वाले नितिन नबीन को संगठन में युवा नेतृत्व के उभार के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को संगठनात्मक राजनीति में एक बड़ा और दूरगामी संदेश देते हुए नितिन नबीन को अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना। नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में हुए भव्य समारोह के दौरान के. लक्ष्मण ने औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की और चुनाव प्रमाण पत्र सौंपा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और निवर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा मंच पर मौजूद रहे। 45 वर्षीय नितिन नबीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना सिर्फ एक पद परिवर्तन नहीं, बल्कि भाजपा की रणनीतिक सोच का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। वह पार्टी के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं, जिससे यह संदेश गया है कि भाजपा आने वाले चुनावी और संगठनात्मक संघर्षों के लिए युवा नेतृत्व पर भरोसा जता रही है।
नितिन नबीन का चुनाव निर्विरोध हुआ, क्योंकि नामांकन और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह इस पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार घोषित किए गए थे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राज्य इकाइयों ने उनके समर्थन में पत्र जमा किए, जो संगठन में व्यापक सहमति को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नितिन नबीन को बधाई देते हुए कहा कि उनका नेतृत्व पार्टी को नई ऊर्जा और दिशा देगा। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा का समर्थन इस बात का संकेत है कि नबीन को शीर्ष नेतृत्व का पूर्ण विश्वास प्राप्त है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, नबीन को दिसंबर 2024 में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था और तभी से उन्हें भावी अध्यक्ष के रूप में देखा जा रहा था। संगठन पर्व के दौरान उनके चयन ने यह स्पष्ट कर दिया कि भाजपा निरंतरता के साथ-साथ परिवर्तन की नीति पर आगे बढ़ रही है।भाजपा के संविधान के अनुसार, किसी भी राष्ट्रीय अध्यक्ष उम्मीदवार के लिए कम से कम 15 वर्षों की सक्रिय सदस्यता और 20 राज्यों के इलेक्टोरल कॉलेज सदस्यों का समर्थन आवश्यक होता है। नितिन नबीन इन सभी मानकों पर खरे उतरे, जिससे उनका चयन औपचारिक रूप से निर्विवाद रहा।