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बरेली। सोशल मीडिया की एक वायरल खबर ने मंगलवार को देशभर में हलचल मचा दी। दावा किया गया कि सऊदी अरब में उमरा के लिए गए ‘काजी-ए-हिंदुस्तान’ यानी ग्रैंड मुफ्ती ऑफ इंडिया को हिरासत में ले लिया गया है। देखते ही देखते यह खबर हजारों लोगों तक पहुंच गई और अकीदतमंदों में चिंता फैल गई। लेकिन कुछ ही घंटों में सच्चाई सामने आई तो पता चला कि यह खबर पूरी तरह अफवाह थी।

सोशल मीडिया की खबर से मच गई थी हलचल

मंगलवार को अचानक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह खबर तेजी से फैलने लगी कि सऊदी अरब में काजी-ए-हिंदुस्तान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। यह खबर सामने आते ही बरेली समेत देशभर के अकीदतमंदों के बीच बेचैनी फैल गई। कई लोगों ने फोन और मैसेज के जरिए दरगाह से जुड़े लोगों से जानकारी लेनी शुरू कर दी। कुछ ही देर में यह खबर अलग-अलग सोशल मीडिया ग्रुप्स और प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गई। कई लोगों ने इसे सच मानकर साझा करना शुरू कर दिया। लेकिन थोड़ी देर बाद जब वास्तविक जानकारी सामने आई तो स्पष्ट हो गया कि यह खबर पूरी तरह भ्रामक थी।

रियाद के रेस्टोरेंट में इफ्तार के दौरान जुटी थी भीड़

जानकारी के अनुसार उमरा के लिए सऊदी अरब पहुंचे उलेमा और जायरीन ने रियाद के एक रेस्टोरेंट में इफ्तार के बाद मुलाकात और भोजन का कार्यक्रम रखा था। इस कार्यक्रम की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद वहां पहुंच गए। देखते ही देखते रेस्टोरेंट के अंदर और बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सऊदी अरब में इन दिनों सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी सतर्कता बरती जा रही है, खासकर तब जब किसी स्थान पर अचानक बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो जाएं। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी गई और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। वहां मौजूद लोगों से सामान्य पूछताछ की गई और सीसीटीवी फुटेज भी देखा गया।

यूपी समेत कई राज्यों के जायरीन थे मौजूद

बताया जा रहा है कि इस इफ्तार कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के कई शहरों से आए जायरीन मौजूद थे। इनमें बरेली, रामपुर और मुरादाबाद के अकीदतमंदों के अलावा मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य इलाकों से आए लोग भी शामिल थे। भीड़ ज्यादा होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति को समझने के लिए वहां मौजूद कुछ लोगों से बातचीत की। यह पूरी प्रक्रिया सामान्य सुरक्षा जांच का हिस्सा थी। लेकिन किसी ने इस घटना को गलत तरीके से पेश करते हुए सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैला दी कि उलेमा को हिरासत में ले लिया गया है।

धार्मिक संगठन ने अफवाह को किया खारिज

जमात रज़ा-ए मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और ग्रैंड मुफ्ती ऑफ इंडिया के दामाद सलमान हसन खान (सलमान मियां) ने साफ शब्दों में कहा कि हिरासत की खबर पूरी तरह गलत और भ्रामक है। उन्होंने बताया कि उलेमा इफ्तार के बाद भोजन के लिए रेस्टोरेंट गए थे और वहां अकीदतमंदों की भीड़ जमा हो गई थी। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण सऊदी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं, इसलिए उन्होंने वहां मौजूद कुछ लोगों से पूछताछ की थी। इसे हिरासत या गिरफ्तारी बताना पूरी तरह गलत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि के किसी भी खबर को सोशल मीडिया पर साझा न करें।

15 मार्च को भारत लौटेंगे उलेमा

सलमान मियां के अनुसार ग्रैंड मुफ्ती ऑफ इंडिया और अन्य उलेमा अपनी उमरा यात्रा पूरी करने के बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 मार्च को भारत लौटेंगे। फिलहाल वह रियाद से मदीना शरीफ जाने वाले हैं और यात्रा का कार्यक्रम पहले से तय है। सोशल मीडिया पर खबर फैलने के बाद देशभर में अकीदतमंदों के बीच चिंता का माहौल बन गया था और लोग लगातार फोन कर उलेमा की कुशलक्षेम पूछ रहे थे। बाद में दरगाह से आधिकारिक बयान जारी होने के बाद स्थिति साफ हुई और लोगों ने राहत की सांस ली। धार्मिक संगठनों ने भी लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से सावधान रहें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

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