पीलीभीत। शहर के आईटीआई कॉलेज के पास शुक्रवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक प्रॉपर्टी डीलर के बंद पड़े दफ्तर के भीतर 25 वर्षीय कर्मचारी का शव फंदे पर लटका मिला। चौंकाने वाली बात यह रही कि कमरे के बाहर ताला लगा था। परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या कर शव लटकाए जाने का आरोप लगाया है। प्रेम-प्रसंग और नौकरी से निकाले जाने की बात सामने आने के बाद मामला और भी उलझ गया है। पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन परिवार की मांग साफ है—हत्या का मुकदमा दर्ज हो।
सुबह का सन्नाटा, और फिर हड़कंप…
आईटीआई कॉलेज के पास रोज की तरह सुबह का सन्नाटा था। लेकिन शुक्रवार की सुबह अचानक इलाके में हलचल बढ़ गई। खबर आई कि एक प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस के अंदर एक युवक का शव फंदे पर लटकता मिला है। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई। ऑफिस का शटर आधा खुला था और भीतर कमरे में 25 वर्षीय अनिल का शव रस्सी से लटका हुआ था। पहली नजर में मामला आत्महत्या जैसा लग सकता था, लेकिन जैसे-जैसे तथ्य सामने आए, कहानी ने खौफनाक मोड़ ले लिया।
बाहर से ताला… अंदर कैसे पहुंचा?
परिवार के अनुसार, जिस कमरे में शव मिला, उसके बाहर से ताला लगा था। यह सबसे बड़ा सवाल बनकर उभरा है। अगर कमरा बाहर से बंद था, तो अनिल अंदर पहुंचा कैसे? मोहल्ला छोटा खुंदागंज निवासी सुनील ने बताया कि उनका छोटा भाई अनिल वर्ष 2018 से प्रॉपर्टी डीलर के यहां नौकरी कर रहा था। हाल ही में उसे काम से हटा दिया गया था। परिवार के मुताबिक, यह निर्णय अचानक लिया गया और इसके पीछे ऑफिस के अंदर चल रही कुछ नाराजगियां थीं।
फोन कॉल और आखिरी सफर
शुक्रवार तड़के करीब चार बजे अनिल के मोबाइल पर एक कॉल आई। परिवार का कहना है कि कॉल आते ही अनिल घबराहट में उठा और बिना ज्यादा कुछ बताए बाइक लेकर निकल गया। घरवालों को लगा कि शायद ऑफिस का कोई जरूरी काम होगा। लेकिन करीब दो घंटे बाद आई सूचना ने परिवार की दुनिया उजाड़ दी—अनिल का शव ऑफिस के भीतर फंदे पर लटका मिला है। अब सवाल यह उठ रहा है—आखिर वह कॉल किसका था? क्या उसे किसी बहाने बुलाया गया?
प्रेम-प्रसंग का एंगल
परिवार ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ऑफिस में काम करने वाली एक युवती से अनिल की नजदीकियां थीं। प्रॉपर्टी डीलर इस रिश्ते के खिलाफ था। परिजनों का दावा है कि इसी वजह से अनिल को नौकरी से निकाला गया और रंजिश पनप गई। उनका आरोप है कि इसी रंजिश के चलते अनिल को रास्ते से हटाया गया। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह पहलू जांच का अहम हिस्सा बन चुका है।
आत्महत्या या हत्या?
मौके की परिस्थितियां कई सवाल खड़े कर रही हैं:
- अगर आत्महत्या थी, तो बाहर से ताला क्यों था?
- ऑफिस रात में खुला था या बंद?
- सीसीटीवी फुटेज क्या कह रहे हैं?
- कॉल डिटेल क्या बताती है?
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मेडिकल रिपोर्ट से मौत का समय और कारण स्पष्ट हो सकेगा। परिजन साफ शब्दों में कह रहे हैं कि जब तक हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं होगा, वे चुप नहीं बैठेंगे।
मौके पर हंगामा
घटना की खबर मिलते ही परिवार और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। गुस्से में भरे लोगों ने जमकर हंगामा किया। आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।