तेल अवीव/बेरूत। पश्चिम एशिया में तनाव के बीच इजरायल ने बड़ा सैन्य एक्शन करते हुए हिजबुल्लाह को सीधा झटका दिया है। इजरायली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत में एयरस्ट्राइक कर हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम के करीबी और भतीजे अली यूसुफ हर्शी को ढेर कर दिया। इस हमले के बाद इलाके में भारी तबाही मची है और एक बहुमंजिला इमारत भी आंशिक रूप से ढह गई।
दाहियेह के पास तल्लेत खयात में टारगेटेड अटैक
इजरायली सेना ने बुधवार को बेरूत के दाहियेह इलाके के पास तल्लेत खयात क्षेत्र में यह सटीक हमला किया। सेना के मुताबिक, हर्शी को विशेष रूप से निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक की गई। सामने आए फुटेज में धमाके के बाद इमारत का हिस्सा गिरता दिख रहा है, जिससे हमले की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
हिजबुल्लाह चीफ का करीबी, सुरक्षा का जिम्मेदार
इजरायली रक्षा बल (IDF) ने बयान जारी कर कहा कि अली यूसुफ हर्शी, हिजबुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम का निजी सचिव और बेहद करीबी सहयोगी था। वह संगठन के शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा और दफ्तर के संचालन में अहम भूमिका निभा रहा था। ऐसे में उसे निशाना बनाकर हिजबुल्लाह की कमान पर सीधा वार किया गया है।
हथियार सप्लाई रूट और ठिकानों पर भी हमला
इजरायल ने सिर्फ एक टारगेट पर ही नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर कार्रवाई करते हुए लेबनान में लिटानी नदी के आसपास के दो प्रमुख रास्तों को भी निशाना बनाया। इन रास्तों का इस्तेमाल हिजबुल्लाह हथियार, रॉकेट और लॉन्चर पहुंचाने के लिए करता था। इसके अलावा दक्षिणी लेबनान में करीब 10 हथियार डिपो, लॉन्चर और कमांड सेंटर्स को भी तबाह कर दिया गया।
250 से ज्यादा मौतें, 1100 घायल—अब तक का सबसे बड़ा हमला
इजरायली सेना ने दावा किया कि यह हिजबुल्लाह के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हमला है। इस कार्रवाई में 250 से ज्यादा लोगों की मौत और करीब 1100 लोगों के घायल होने की खबर है। भारी तबाही के बीच लेबनान में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं।
सीजफायर पर भ्रम, लेबनान नहीं है शामिल
इस हमले ने सीजफायर को लेकर भी स्थिति साफ कर दी है। अमेरिका-ईरान के बीच हुए युद्धविराम को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने लेबनान को भी शामिल बताया था, लेकिन इजरायल ने इसे खारिज कर दिया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है और हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।