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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता जनकल्याणकारी योजनाओं का तेज और पारदर्शी क्रियान्वयन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में राज्य सरकार एमएसएमई, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा और वस्त्रोद्योग क्षेत्र को नई गति देने के लिए सतत कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य रोजगार सृजन, पारंपरिक उद्योगों का संरक्षण और आधुनिक तकनीक के साथ उनके विस्तार को सुनिश्चित करना है।

योजनाओं के क्रियान्वयन में न बरती जाए शिथिलता
प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा तथा वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने सोमवार को खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, 8 तिलक मार्ग, लखनऊ के सभागार में विभागीय योजनाओं के लिए बजट में की गई व्यवस्था के सापेक्ष व्यय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में एमएसएमई, खादी एवं ग्रामोद्योग तथा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग की वित्तीय और भौतिक प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योगी सरकार की प्राथमिक योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए और योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पात्र लाभार्थियों तक अवश्य पहुंचे।

यूपी दिवस पर प्रशिक्षुओं को टूलकिट वितरण हो सुनिश्चित
उन्होंने निर्देश दिए कि 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके सभी प्रशिक्षुओं को टूलकिट का वितरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा गया, ताकि सांसद, विधायक एवं प्रभारी मंत्री सक्रिय रूप से कार्यक्रमों में सहभागिता कर सकें। उन्होंने विश्वकर्मा योजना की प्रगति से संबंधित रिपोर्ट शीघ्र तैयार करने तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान को तहसील एवं ब्लॉक स्तर तक और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश भी दिए।

खादी को बाजार के अनुरूप तैयार करने पर जोर
बैठक में मंत्री ने कहा कि योगी सरकार खादी को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहचान के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने खादी के कंबलों एवं अन्य उत्पादों को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करने, गुणवत्ता में सुधार और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विशेष बल दिया। साथ ही खादी से जुड़े कारखानों का नियमित निरीक्षण करने और कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी कहा कि खादी उत्पादन से संबंधित जो समितियां निष्क्रिय हैं, उनकी भूमि और परिसंपत्तियों का भौतिक निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की जाए। सरकारी भूमि के उचित उपयोग, अवैध कब्जों से मुक्ति और परिसंपत्तियों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। उन्होंने निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली प्रशासनिक बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए, ताकि लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।

आवंटित बजट का शत-प्रतिशत प्रभावी उपयोग हो सुनिश्चित
बैठक के अंत में मंत्री राकेश सचान ने कहा कि योगी सरकार प्रदेश में रोजगार सृजन, पारंपरिक उद्योगों के संरक्षण और आधुनिक तकनीक के समावेश के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, योजनाओं के लिए आवंटित बजट का शत-प्रतिशत प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें और सरकार की मंशा के अनुरूप परिणामोन्मुखी कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से कारीगर, बुनकर और उद्यमी सशक्त होंगे और उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से अग्रसर रहेगा।

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