अयोध्या से सामने आया एक भावुक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह इस्तीफा देने के बाद फोन पर पत्नी से बात करते हुए फफक-फफक कर रोते नजर आ रहे हैं। “मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ…” कहते हुए उनकी आवाज भर आती है। यह वीडियो न सिर्फ एक अधिकारी की पीड़ा को दिखाता है, बल्कि उसके पीछे छिपे स्वाभिमान, मानसिक तनाव और भावनात्मक संघर्ष की कहानी भी बयां करता है।
लखनऊ/अयोध्या: अयोध्या में तैनात GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह के इस्तीफे के बाद सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे फोन पर बात करते हुए बेहद भावुक नजर आ रहे हैं और बार-बार कहते हैं—“मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ… मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ।” यह वीडियो कथित तौर पर उस वक्त का है, जब उन्होंने इस्तीफा देने के तुरंत बाद अपनी पत्नी से बातचीत की। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि प्रशांत कुमार सिंह भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रख पा रहे हैं। जैसे ही उनकी पत्नी फोन उठाती हैं, वे बताते हैं कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद उनकी आवाज भर आती है और वे रो पड़ते हैं। यह दृश्य देखकर सोशल मीडिया यूजर्स भी भावुक हो गए हैं और इसे एक ईमानदार अधिकारी के आत्मसंघर्ष के रूप में देख रहे हैं।
प्रशांत कुमार सिंह ने इस्तीफा देते समय कहा था कि उनका यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे अपने नेताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते। यह उनका निजी निर्णय है और इस पर किसी भी तरह का दबाव नहीं था। वीडियो में आगे वे कहते हैं, “जिसका नमक खाते हैं, उसका सिला अदा करते हैं… मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ।” फोन कॉल खत्म होने के बाद वे मौजूद लोगों से माफी मांगते हुए कहते हैं कि वे पत्नी से बात कर रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी दो बेटियां हैं, वे पिछले दो रातों से सो नहीं पाए थे और मानसिक रूप से बेहद पीड़ा में थे।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक हलकों से लेकर आम जनता तक को सोचने पर मजबूर कर दिया है। एक ओर जहां कुछ लोग इसे भावनाओं में लिया गया फैसला बता रहे हैं, वहीं कई लोग इसे एक अधिकारी के आत्मसम्मान और नैतिक साहस का उदाहरण मान रहे हैं।
कौन हैं प्रशांत कुमार सिंह?
प्रशांत कुमार सिंह का जन्म 28 अक्टूबर 1978 को उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई जीवन राम इंटर कॉलेज से पूरी की। इसके बाद वाराणसी के उदय प्रताप महाविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की। वर्ष 2013 में उन्होंने सरकारी सेवा जॉइन की और उनकी पहली पोस्टिंग सहारनपुर में हुई। अपने कार्यकाल के दौरान वे एक मेहनती और अनुशासित अधिकारी के रूप में पहचाने गए। वर्ष 2023 में उनकी पोस्टिंग अयोध्या में की गई, जहां वे राज्यकर विभाग में संभागीय उप आयुक्त (GST डिप्टी कमिश्नर) के पद पर कार्यरत थे। इस्तीफे के बाद प्रशांत कुमार सिंह ने यह भी घोषणा की है कि यदि उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता है, तो वे अपने निजी संसाधनों से समाज सेवा के कार्य करेंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि यह निर्णय पूरी तरह उनके स्वाभिमान और विचारों पर आधारित है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो केवल एक प्रशासनिक इस्तीफे की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस मानसिक दबाव, भावनात्मक संघर्ष और जिम्मेदारी को भी उजागर करता है, जिसे एक अधिकारी अपने भीतर झेलता है। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि क्या सिस्टम के भीतर काम करने वाले लोग अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त कर पाते हैं? फिलहाल, प्रशांत कुमार सिंह का यह भावुक वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। सच क्या है, इसका फैसला समय और व्यवस्था करेगी, लेकिन इतना तय है कि यह घटना लंबे समय तक याद रखी जाएगी।