बरेली। रमजान की रौनक के बीच आजमनगर का कबूतर चौक पूरी तरह बेपटरी नजर आया। दुकानदारों ने सड़क तक दुकानें फैला दीं, होटल वालों ने बीच सड़क पर कब्जा जमा लिया और ऊपर से ग्राहकों के वाहन वहीं खड़े—नतीजा, पूरा इलाका जाम से कराह उठा। हालात ऐसे हो गए कि लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया।
समझाने पहुंची पुलिस, उल्टा भिड़ गए दुकानदार
शिकायत पर कोतवाली इंस्पेक्टर सुरेश गौतम फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और अतिक्रमण हटाने को कहा, लेकिन कुछ दुकानदारों ने नियम मानने के बजाय पुलिस से ही बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते कहासुनी तीखी नोकझोंक में बदल गई और माहौल गर्म हो गया। एक दुकानदार और उसके बेटे ने पुलिसकर्मियों से अभद्रता की, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। पुलिस को हालात काबू में करने के लिए अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी। कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात कर दी गई।
सख्ती दिखी तो भागे दुकानदार, धड़ाधड़ बंद हुआ बाजार
जैसे ही पुलिस ने तेवर कड़े किए, बाजार में अफरा-तफरी मच गई। दुकानदार अपनी-अपनी दुकानें बंद कर मौके से खिसकने लगे। पुलिस ने होटल और दुकानों को चेतावनी देकर तत्काल बंद करा दिया, जिससे पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी मानुष पारीक खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने हालात का जायजा लेकर साफ शब्दों में कहा कि सड़क पर कब्जा किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा और कानून तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय है।
हर साल वही ढर्रा, जनता बेहाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि रमजान में भीड़ बढ़ना आम बात है, लेकिन हर साल अतिक्रमण के चलते यही हाल हो जाता है। जाम और अव्यवस्था से सबसे ज्यादा आम लोग परेशान होते हैं, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी से समस्या जस की तस बनी रहती है। पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों को अब किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा। पुलिस से बदसलूकी करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी है। फिलहाल पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है, जिससे बाजार की रफ्तार भी थमी नजर आ रही है।