उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां 12 साल के मासूम बच्चे का अपहरण कर फिरौती न मिलने पर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस जघन्य अपराध के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया, जबकि दूसरा आरोपी घायल हो गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में सामने आई एक जघन्य वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां 12 साल के एक मासूम बच्चे का अपहरण कर बदमाशों ने बेरहमी से हत्या कर दी। बच्चे की हत्या की खबर फैलते ही जिले में सनसनी फैल गई। मामला सामने आते ही पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की, जिसके तहत अपहरण और हत्या के एक आरोपी को पुलिस मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया, जबकि दूसरा आरोपी गोली लगने से घायल हो गया।
व्यापारी के बेटे का हुआ था अपहरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला चित्रकूट जिले के बरगढ़ थाना क्षेत्र का है। यहां स्थानीय व्यापारी अशोक केशरवानी के 12 वर्षीय बेटे का बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। अपहरण के बाद आरोपियों ने परिजनों से फिरौती की मांग की। परिजनों की ओर से फिरौती न दिए जाने या बातचीत न बनने की स्थिति में बदमाशों ने मासूम की निर्मम हत्या कर दी।
फिरौती नहीं मिलने पर उतारा मौत के घाट
सूत्रों के मुताबिक, अपहरण के बाद आरोपियों ने बच्चे को कई घंटों तक अपने कब्जे में रखा। जब उन्हें लगा कि फिरौती नहीं मिल पाएगी, तो उन्होंने मासूम की जान ले ली। हत्या के बाद बच्चे के शव को छिपाने के लिए उसे एक बक्से में भरकर बरगढ़ बस्ती के पास फेंक दिया गया।
बक्से में मिली बच्चे की लाश
घटना का सबसे दिल दहला देने वाला पहलू तब सामने आया जब पुलिस को सूचना मिली कि एक बक्से में बच्चे की लाश पड़ी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बरामद किया। बच्चे की पहचान होते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे इलाके में मातम और आक्रोश फैल गया।
पुलिस ने शुरू की ताबड़तोड़ कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए चित्रकूट पुलिस ने तुरंत आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी इलाके में छिपे हुए हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की।
पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़
सूत्रों के अनुसार, खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी इरफान को गोली लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई, जबकि दूसरा आरोपी कल्लू गोली लगने से घायल हो गया।
कल्लू अस्पताल में भर्ती
घायल आरोपी कल्लू को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह पुलिस की निगरानी में है। पुलिस ने मौके से हथियार भी बरामद किए हैं। मामले की आगे की जांच जारी है और अन्य संभावित कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है।
जन आक्रोश और सड़क जाम
घटना के बाद स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। गुस्साई भीड़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया और मुठभेड़ में मारे गए आरोपी की लाश दिखाने की मांग करने लगी। लोगों का आरोप है कि पुलिस मामले में पूरी पारदर्शिता नहीं बरत रही है।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के तहत सभी कार्रवाई की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल
इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मासूम की हत्या से पूरा जिला सदमे में है और लोग कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।