केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। करीब एक दशक बाद ऐसा मौका आया जब बजट रविवार के दिन पेश हुआ। यह बजट ऐसे समय में आया है जब देश की अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं, महंगाई के दबाव और रोजगार सृजन की जरूरतों के बीच संतुलन तलाश रही है। बजट 2026 में सरकार ने साफ संकेत दिया है कि उसकी प्राथमिकताएं टैक्स सुधार, स्वास्थ्य राहत, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार पर केंद्रित रहेंगी। इस बजट का सबसे बड़ा आकर्षण नया इनकम टैक्स एक्ट, कैंसर और शुगर की दवाइयों को सस्ता करने का ऐलान, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान रहा।
1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया इनकम टैक्स एक्ट
बजट 2026 की सबसे अहम घोषणा नए इनकम टैक्स एक्ट को लेकर की गई। वित्त मंत्री ने बताया कि यह कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसका उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल बनाना, मुकदमेबाजी कम करना और करदाताओं को राहत देना है।
- नए इनकम टैक्स एक्ट की प्रमुख बातें:
- टैक्स रिटर्न फॉर्म को सरल बनाया जाएगा
- दंड की बजाय टैक्स सेटलमेंट का विकल्प
- टैक्स विवादों और मुकदमों में कमी
- 31 जुलाई तक ITR फाइल करने की सुविधा
- अघोषित आय की सीमा 1 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव
सरकार का मानना है कि इससे मध्यम वर्ग, नौकरीपेशा लोगों और छोटे कारोबारियों का भरोसा बढ़ेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी राहत: कैंसर और शुगर की दवाइयां होंगी सस्ती
आम लोगों के लिए राहत की सबसे बड़ी खबर स्वास्थ्य क्षेत्र से आई है। बजट में घोषणा की गई कि:
- कैंसर
- शुगर
- 7 दुर्लभ बीमारियों
से जुड़ी दवाइयों पर टैक्स और कस्टम ड्यूटी में छूट दी जाएगी। इससे इन बीमारियों के इलाज का खर्च कम होगा और लाखों मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा। लंबे समय से महंगे इलाज की समस्या झेल रहे परिवारों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है।
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: यात्रा तेज, प्रदूषण कम
बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को रफ्तार देने के लिए सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया गया है। ये कॉरिडोर देश के बड़े शहरी और आर्थिक केंद्रों को जोड़ेंगे।
प्रस्तावित रूट:
- मुंबई – पुणे
- पुणे – हैदराबाद
- हैदराबाद – बेंगलुरु
- हैदराबाद – चेन्नई
- चेन्नई – बेंगलुरु
- दिल्ली – वाराणसी
- वाराणसी – सिलीगुड़ी
सरकार का कहना है कि ये कॉरिडोर यात्रा समय घटाएंगे, प्रदूषण कम करेंगे और क्षेत्रीय विकास को गति देंगे।
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स पर 40 हजार करोड़ रुपये
भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने:
- इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपये
- सेमीकंडक्टर मिशन को मजबूत करने
का ऐलान किया है। इस योजना के तहत घरेलू कैपिटल गुड्स क्षमता बढ़ाने और स्वतंत्र सप्लाई चेन विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों की भूमिका इसमें अहम होगी।
MSME सेक्टर को मजबूती
बजट 2026 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को बड़ी राहत दी गई है।
- आत्मनिर्भर भारत कोष में 4,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त
- SMEs के लिए 10,000 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान
इससे छोटे कारोबारियों को सस्ता कर्ज, विस्तार के मौके और रोजगार सृजन में मदद मिलेगी। MSME सेक्टर को देश की आर्थिक रीढ़ माना जाता है और बजट में इसे खास तवज्जो दी गई है।
टूरिज्म पर फोकस, रोजगार बढ़ाने की रणनीति
बजट 2026 में टूरिज्म को रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बताया गया है। इसके तहत:
- 5 पूर्वोत्तर राज्यों में नए पर्यटन स्थल
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी
- इको-टूरिज्म, ट्रेकिंग और हाइकिंग योजनाएं
- डिजिटल नॉलेज ग्रिड पर टूरिस्ट साइट्स की जानकारी
सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय रोजगार, विदेशी मुद्रा आय और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
महिलाओं और शिक्षा के लिए अहम घोषणाएं
- महिलाओं और शिक्षा के क्षेत्र में भी बजट 2026 में कई बड़े कदम उठाए गए:
- हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल
- STEM शिक्षा में लड़कियों को सपोर्ट
- लखपति दीदी योजना का विस्तार
- महिला उद्यमियों के लिए कम्युनिटी-ओन्ड रिटेल आउटलेट
इन फैसलों का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
बजट के बाद क्या होगा सस्ता?
- कैंसर और शुगर की दवाइयां
- 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां
- सोलर एनर्जी से जुड़े उपकरण
- चमड़ा और कपड़ा निर्यात
- जूते, बैटरी, माइक्रोवेव ओवन
- रक्षा क्षेत्र में बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट
क्या हो सकता है महंगा?
- विदेशी टूर पैकेज (TCS 2%)
- कुछ आयातित और लग्जरी उत्पाद
बजट का पार्ट-B: लंबी अवधि की रणनीति
बजट के पार्ट-B में सरकार ने सिर्फ टैक्स नहीं बल्कि भारत की लंबी अवधि की आर्थिक दिशा को सामने रखा है। इसमें देश की घरेलू ताकत, भविष्य की विकास संभावनाएं और वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार रणनीति का खाका पेश किया गया है।
कुल मिलाकर Budget 2026 एक संतुलित बजट के रूप में सामने आया है, जिसमें आम आदमी को राहत, उद्योगों को समर्थन और भविष्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश दिखाई देती है। नया इनकम टैक्स एक्ट, सस्ती दवाइयां, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर फोकस इस बजट को बेहद अहम बनाता है।