दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार सुबह एक ऐसा मंजर बना, जिसने कुछ देर के लिए हर किसी की धड़कनें थाम दीं। हवा में उड़ रहे इंडिगो के विमान में इंजन खराबी की आशंका ने अचानक हालात को ‘फुल इमरजेंसी’ में बदल दिया। रनवे खाली, दमकल-एंबुलेंस तैनात और कंट्रोल रूम अलर्ट… लेकिन कुछ ही मिनटों बाद जो हुआ, उसने सैकड़ों जिंदगियों को बचा लिया।
इंजन खराबी की सूचना ने मचाया हड़कंप
शनिवार सुबह विशाखापट्टनम से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-579 ने जैसे ही दिल्ली एयरस्पेस में प्रवेश किया, तभी पायलट को एक इंजन में तकनीकी गड़बड़ी का संकेत मिला। यह सूचना मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) में हलचल मच गई। उड़ान के अंतिम चरण में ऐसी खराबी किसी भी विमान के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है। कुछ ही सेकंड में यह सामान्य लैंडिंग की स्थिति से सीधे आपातकाल में बदल गया।
रनवे-28 बना ‘रेड जोन’, मिनटों में लागू हुआ फुल इमरजेंसी प्रोटोकॉल
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर तुरंत रनवे-28 को खाली कराया गया और ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित कर दी गई। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बिना देर किए दमकल की गाड़ियां, एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को रनवे के आसपास तैनात कर दिया। पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर रखा गया। हर सेकंड की निगरानी की जा रही थी, क्योंकि जरा सी चूक सैकड़ों जिंदगियों पर भारी पड़ सकती थी।
पायलट की सूझबूझ ने बचाईं सैकड़ों जानें
विमान के अंदर उस वक्त हालात बेहद तनावपूर्ण थे। पायलट और क्रू मेंबर्स लगातार तकनीकी टीम और ATC के संपर्क में थे। सीमित संसाधनों और समय के दबाव के बीच पायलट ने जिस तरह स्थिति को संभाला, वह काबिल-ए-तारीफ रहा। उन्होंने विमान की स्पीड, एंगल और कंट्रोल को संतुलित रखते हुए सुरक्षित लैंडिंग की तैयारी जारी रखी। यह महज एक लैंडिंग नहीं, बल्कि समय और तकनीक के खिलाफ जंग थी।
सांसें थाम देने वाले पल, और फिर सुरक्षित लैंडिंग
कुछ ही मिनटों बाद इंडिगो के इस विमान को तय योजना के तहत रनवे-28 पर उतारा गया। जैसे ही विमान जमीन पर आया, राहत की सांस ली गई। गनीमत रही कि बोइंग 737-800 विमान पूरी तरह सुरक्षित लैंड हो गया और उसमें सवार सभी यात्री व क्रू मेंबर्स को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। रनवे पर तैनात मेडिकल और सुरक्षा टीमों ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया और पुष्टि की कि सभी सुरक्षित हैं।
जांच शुरू, तकनीकी खामी के पीछे की वजह तलाशने में जुटी एजेंसियां
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आखिर इंजन में खराबी की वजह क्या थी और क्या इसमें किसी तरह की लापरवाही शामिल थी। विमान को तकनीकी जांच के लिए अलग कर दिया गया है। सुरक्षा मानकों को लेकर अब और सख्ती बरती जा सकती है।