बरेली। राज्य में बोतलबंद पानी की गुणवत्ता को लेकर बड़ी जांच के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) ने 39 मिनरल वाटर ब्रांड्स की बिक्री और सप्लाई पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इन ब्रांडों का पानी पीना स्वास्थ्य के लिए संकटपूर्ण हो सकता है।
एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि जांच में कई ब्रांडों के पानी में बैक्टीरिया और रासायनिक मानकों का उल्लंघन पाया गया। शाहजहांपुर के मां दुर्गा मिनरल वाटर में बैक्टीरिया की उपस्थिति मिली, जबकि रामपुर की ग्लोबल ब्रांड और निर्मल नीर भी परीक्षण में असंतोषजनक साबित हुए। डॉ. जैकब ने कहा यह पानी स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। जनता को केवल भरोसेमंद और मानक वाले मिनरल वाटर का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
प्रतिबंधित ब्रांडों की सूची
राज्य के अलग-अलग जिलों में कई ब्रांडों की बिक्री रोक दी गई है। कुछ प्रमुख ब्रांड इस प्रकार हैं-
-मैनपुरी: ग्लोबल ब्रांड
-प्रयागराज: नीट एचटूओ
-आजमगढ़: ग्लासिया
-गोरखपुर: रिप्लायबल फेश
-बस्ती: कीवी
-चित्रकूट: क्वीन ब्रांड
-गोंडा: सुपर फाइव स्टार
-लखनऊ: वृष्टि और फि ट
-बाराबंकी: किंग मेन, ओएक्सवाई
-फतेहपुर: चिल
-उन्नाव: फू-फू पुक, देवांश डेली एक्वा, हिलडिन
-रामपुर: एक्का ऐस
-चंदौली: गुगली, एक्वा यूएस
-गौतमबुद्धनगर: एका बोट
कड़े निर्देश और समयसीमा
आयुक्त ने सभी कंपनियों को 48 घंटे के भीतर अपने स्टॉक का पूरा विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को भी कहा गया है कि वे इन ब्रांड्स की सभी बिक्री और सप्लाई तुरंत रोक दें। एफएसडीए ने कहा कि यह कदम जनता को सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि सिर्फ स्वीकृत और प्रमाणित ब्रांड का ही पानी पिएं।