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बरेली में प्रशासनिक गलियारों में भारी शोक का माहौल है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह के पिता और पूर्व पीसीएस अधिकारी दिनेश बहादुर सिंह का गुरुवार दोपहर एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में निधन हो गया। करीब डेढ़ महीने से गंभीर बीमारी से जूझ रहे दिनेश बहादुर सिंह ने प्रशासनिक सेवा के क्षेत्र में एक अनुशासित और सादगीपूर्ण जीवन जीया। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे प्रशासनिक समाज में शोक की लहर दौड़ गई है।

बरेली डीएम के पिता दिनेश बहादुर सिंह का निधन: प्रशासनिक समाज में शोक की लहर

बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह के पिता, पूर्व पीसीएस अधिकारी दिनेश बहादुर सिंह का गुरुवार दोपहर एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में निधन हो गया। वे लगभग डेढ़ महीने से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से प्रशासनिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई और कई वरिष्ठ अधिकारियों ने डीएम आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार के अनुसार, दिनेश बहादुर सिंह को सात दिसंबर को अचानक अस्थमा का अटैक पड़ा, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें तुरंत डोहरा रोड स्थित वेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। कुछ समय बाद तबीयत में सुधार आया और उन्हें वेंटिलेटर से हटाया गया। हालांकि, हाल ही में उन्हें एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में फिर से भर्ती कराया गया। दो दिन पहले उनकी तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई और तमाम प्रयासों के बावजूद गुरुवार दोपहर उन्होंने अंतिम सांस ली।

प्रशासनिक सेवा में समर्पित जीवन

दिनेश बहादुर सिंह मूल रूप से जौनपुर के निवासी थे और 1970 बैच के पीसीएस अधिकारी थे। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रशासनिक सेवाओं में अपनी अहम भूमिका निभाई। अपने अनुशासन और सादगीपूर्ण जीवन के लिए वे हमेशा जाने जाते थे। सेवानिवृत्ति के बाद वे प्रयागराज में अपने परिवार के साथ बस गए थे और वर्तमान में अपने पुत्र डीएम अविनाश सिंह के साथ बरेली में रह रहे थे। उनकी कार्यशैली और जीवन मूल्यों की झलक उनके पुत्र डीएम अविनाश सिंह की प्रशासनिक नीतियों में भी दिखाई देती है। शिक्षा, नैतिकता और पारिवारिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक आदर्श अधिकारी बनाती थी।

निधन की खबर से प्रशासनिक गलियारों में हलचल

गुरुवार को दिनेश बहादुर सिंह के निधन की सूचना मिलते ही बरेली प्रशासनिक महकमे में शोक का माहौल बन गया। अपर जिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सहित तमाम वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी डीएम आवास पहुंचे और दिवंगत के प्रति संवेदना प्रकट की। डीएम आवास पर शोक और संवेदना का वातावरण बना रहा। अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिनेश बहादुर सिंह के व्यक्तित्व और प्रशासनिक सेवा को याद किया। उनके अनुशासन और कार्यक्षमता की हमेशा प्रशंसा होती रही है।

अंतिम दर्शन के लिए उमड़े लोग

दिवंगत के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा। जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और आम नागरिक डीएम आवास पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। परिवार ने अंतिम संस्कार को पारंपरिक और सादगीपूर्ण तरीके से करने की जानकारी दी। इसमें केवल करीबी परिवारजन ही शामिल होंगे। इस अवसर पर प्रशासनिक और सामाजिक समुदाय ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को हिम्मत देने का प्रयास किया।

स्वास्थ्य की लड़ाई और संघर्ष

दिनेश बहादुर सिंह ने अपने जीवन के आखिरी दिनों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना किया। उनकी बीमारी करीब डेढ़ महीने से लगातार गंभीर बनी रही। इसके बावजूद उन्होंने हमेशा धैर्य और साहस का परिचय दिया। उनके जीवन की यह अंतिम लड़ाई उनके अनुशासित और साहसी व्यक्तित्व की प्रतिकृति थी।

समाज और परिवार में उनका योगदान

दिनेश बहादुर सिंह सिर्फ प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं थे, बल्कि अपने परिवार और समाज के लिए भी आदर्श थे। शिक्षा, नैतिकता और अनुशासन के मूल्यों को उन्होंने हमेशा परिवार में बनाए रखा। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ पूरे प्रशासनिक समाज में अपूरणीय क्षति हुई है।

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