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बरेली में स्पा सेंटर विवाद अब महज अनैतिक गतिविधियों की चर्चा तक सीमित नहीं रहा। वायरल वीडियो के बाद सामने आए ऑडियो ने पूरे घटनाक्रम को रंगदारी और ब्लैकमेलिंग की दिशा में मोड़ दिया है। जिला बदर चल रहे आरोपी के नाम पर 40 हजार रुपये की मांग ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बरेली: पीलीभीत रोड स्थित एक निजी अस्पताल की दूसरी मंजिल पर चल रहे स्पा सेंटर का मामला अचानक शहर की सबसे बड़ी चर्चा बन गया। पहले एक कथित वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में ग्राहकों से रकम तय करने, एंट्री फीस की बातचीत और युवतियों के आने-जाने के दृश्य होने का दावा किया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो फैलते ही हड़कंप मच गया।

वीडियो वायरल… इलाके में मचा बवाल

वीडियो सामने आने के बाद बारादरी पुलिस मौके पर पहुंची। एहतियातन स्पा सेंटर पर ताला लगवा दिया गया। हालांकि तत्काल किसी आपत्तिजनक वस्तु की बरामदगी से पुलिस ने इनकार किया। मगर तब तक चर्चा शहर की गलियों से लेकर बाजार तक फैल चुकी थी। लोगों के बीच यह सवाल तैरने लगा—क्या सच में स्पा सेंटर की आड़ में कुछ और चल रहा था? या फिर वायरल वीडियो किसी साजिश का हिस्सा है?

अगले दिन वायरल ऑडियो… कहानी ने लिया मोड़

मामला यहीं नहीं रुका। अगले दिन एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई। इसमें कथित तौर पर 40 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। बातचीत में वीडियो इंटरनेट से हटाने और सेंटर दोबारा खुलवाने का आश्वासन दिया जा रहा था। सूत्र बताते हैं कि बातचीत करने वाला युवक जिला बदर आरोपी ऋषभ ठाकुर का करीबी बताया जा रहा है। ऑडियो ने कहानी को पूरी तरह पलट दिया। अब सवाल यह था—क्या वीडियो के जरिए बदनामी कर रंगदारी वसूली जा रही थी?

जिला बदर के बावजूद सक्रियता!

मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर पहले से जिला बदर की कार्रवाई झेल रहा है। बावजूद इसके उसके नाम पर वसूली का आरोप लगना गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती माना जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि वीडियो-ऑडियो के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है। कई कारोबारी आशंकित हैं कि बदनामी के डर से ब्लैकमेलिंग का यह नया तरीका बनता जा रहा है।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

बारादरी थाना पुलिस ने ऋषभ ठाकुर, आशु यादव समेत तीन अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि ऑडियो और वीडियो दोनों की फॉरेंसिक और साइबर जांच कराई जाएगी। साइबर सेल यह भी पता लगाएगी कि कंटेंट किसने अपलोड किया और किसने वायरल किया। यदि वीडियो में देह व्यापार के प्रमाण मिले तो उस एंगल से भी कार्रवाई होगी।

दोहरी जांच… दो अलग दिशा

यह केस अब दो धाराओं में आगे बढ़ रहा है— स्पा सेंटर में कथित अवैध गतिविधियां, वायरल कंटेंट के जरिए ब्लैकमेलिंग और रंगदारी दोनों पहलुओं की जांच अलग-अलग टीमें कर रही हैं। फिलहाल स्पा सेंटर बंद है और पूरा घटनाक्रम तकनीकी साक्ष्यों की जांच के अधीन है।

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