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एपस्टीन फाइल्स से जुड़ा एक और सनसनीखेज खुलासा सामने आते ही अमेरिका से लेकर पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है। 1991 की एक किशोरी मॉडल प्रतियोगिता से जुड़ा वीडियो और जांच रिपोर्ट यह सवाल खड़ा कर रही है कि क्या मॉडलिंग करियर के नाम पर 14 से 17 साल की लड़कियों का शोषण किया गया। इस मामले में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका, उनकी मौजूदगी और उनके होटल के इस्तेमाल को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह खुलासा सत्ता, पैसे और मासूमियत के खतरनाक गठजोड़ को उजागर करता है।

एपस्टीन फाइल्स से जुड़ा एक पुराना लेकिन बेहद संवेदनशील वीडियो एक बार फिर सामने आया है, जिसने अमेरिकी राजनीति, मॉडलिंग इंडस्ट्री और वैश्विक समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस वीडियो और उससे जुड़ी जांच रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वर्ष 1991 में आयोजित एक प्रतिष्ठित मॉडल प्रतियोगिता की आड़ में नाबालिग लड़कियों का शोषण किया गया। इस प्रतियोगिता का नाम था “Elite Look of the Year”, जिसे उस समय ग्लैमर और करियर का सुनहरा मौका बताया गया था। लेकिन अब, वर्षों बाद, सामने आ रहे तथ्य और गवाहियों ने इस आयोजन को शक के घेरे में ला दिया है।

क्या थी ‘Elite Look of the Year’ प्रतियोगिता?

Elite Look of the Year को दुनिया की बड़ी मॉडलिंग एजेंसी Elite Model Management द्वारा आयोजित किया गया था। इसमें दुनिया भर से 58 लड़कियों ने हिस्सा लिया था, जिनकी उम्र 14 से 17 साल के बीच बताई गई है। आधिकारिक तौर पर इसे मॉडल टैलेंट हंट कहा गया, लेकिन जांच रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रतियोगिता सिर्फ एक दिखावा थी। पूर्व प्रतिभागियों और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का दावा है कि इस मंच का इस्तेमाल ताकतवर और अमीर पुरुषों को कम उम्र की लड़कियों तक पहुंच दिलाने के लिए किया गया।

डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका क्यों सवालों में?

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर है। उस समय ट्रंप 45 वर्ष के थे और इस प्रतियोगिता में उन्होंने जज की भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, न्यूयॉर्क स्थित उनका मशहूर प्लाजा होटल इस आयोजन का मुख्य स्थल था। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रतियोगिता में शामिल लड़कियों को उसी होटल में ठहराया गया। कई निजी कार्यक्रम भी वहीं आयोजित हुए, जिनमें ट्रंप की मौजूदगी बताई गई है। हालांकि, किसी भी रिपोर्ट में ट्रंप पर सीधे यौन शोषण का आरोप नहीं लगाया गया है, लेकिन उनकी भागीदारी और नज़दीकी संबंधों ने गंभीर नैतिक सवाल जरूर खड़े किए हैं।

2020 में ‘द गार्जियन’ की जांच रिपोर्ट

ब्रिटेन के प्रतिष्ठित अखबार The Guardian ने वर्ष 2020 में इस प्रतियोगिता को लेकर एक विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि Elite Model Management के संस्थापक जॉन कैसाब्लांकास और उनके करीबी लोगों ने इस प्रतियोगिता का इस्तेमाल कमजोर और नाबालिग मॉडलों के शोषण के लिए किया। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतियोगिता के दौरान लड़कियों को प्राइवेट डिनर, पार्टियों और क्रूज़ यात्राओं में ले जाया जाता था, जहां अमीर और प्रभावशाली पुरुष मौजूद रहते थे। कई पूर्व प्रतियोगियों ने बताया कि इन आयोजनों में उन्हें असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

‘फ्रेश मीट’ की तरह इस्तेमाल करने के आरोप

कुछ पूर्व प्रतिभागियों ने आरोप लगाया कि उन्हें नाबालिग उम्र में शराब दी गई और उन्हें एक वस्तु की तरह देखा गया। एक पूर्व प्रतियोगी शॉना ली, जो उस समय सिर्फ 14 साल की थीं, ने बताया कि लड़कियों को ट्रंप और अन्य प्रभावशाली पुरुषों के सामने डांस करने के लिए कहा गया। इन आरोपों ने मॉडलिंग इंडस्ट्री में लंबे समय से चले आ रहे उस शोषणकारी माहौल को उजागर किया है, जहां करियर के सपने दिखाकर कम उम्र की लड़कियों को चुप रहने पर मजबूर किया जाता था।

एपस्टीन कनेक्शन और पुरानी दोस्ती

यह मामला कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े अन्य मामलों से भी जोड़ा जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप और एपस्टीन की पुरानी दोस्ती सार्वजनिक रिकॉर्ड में रही है, हालांकि बाद के वर्षों में ट्रंप ने खुद को एपस्टीन से अलग बताया। एपस्टीन फाइल्स ने यह दिखाया कि कैसे वर्षों तक ताकतवर लोगों का एक नेटवर्क कमजोर लड़कियों का शोषण करता रहा और कानून व सिस्टम लंबे समय तक चुप रहे।

ट्रंप का पक्ष

डोनाल्ड ट्रंप ने हमेशा ऐसे सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्हें किसी भी अवैध या अनैतिक गतिविधि की जानकारी नहीं थी। The Guardian की रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट किया गया है कि ट्रंप पर सीधे तौर पर यौन शोषण का आरोप नहीं लगाया गया, लेकिन उनकी भूमिका और मौजूदगी सवालों के घेरे में जरूर है।

क्यों ज़रूरी है यह खुलासा?

भले ही यह घटना तीन दशक पुरानी हो, लेकिन हाल के दिनों में पुराने वीडियो और दस्तावेज़ सामने आने से यह मामला फिर चर्चा में आ गया है। यह साफ करता है कि समय बीत जाने से सच खत्म नहीं हो जाता।यह सिर्फ एक प्रतियोगिता या एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि उस पूरे सिस्टम की तस्वीर है, जहां पैसा और ताकत, मासूमियत पर भारी पड़ती रही। एपस्टीन फाइल्स ने एक बार फिर दुनिया को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या इस बार सवालों के साथ जवाबदेही भी तय होगी।

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