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बरेली में युवक राहुल की हत्या के मामले ने उस वक्त तूल पकड़ लिया जब परिजनों और स्थानीय लोगों के भारी हंगामे के बाद पुलिस हरकत में आई। रुपये के लेन-देन से शुरू हुआ विवाद आखिरकार खून-खराबे और पुलिस मुठभेड़ तक पहुंच गया। गुरुवार सुबह बिथरी चैनपुर क्षेत्र में हुई पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ में मुख्य आरोपी लकी लभेड़ा घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एक पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गया। यह पूरा मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

बरेली जनपद एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। रुपये के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में युवक राहुल की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इस हत्याकांड में पुलिस की शुरुआती सुस्ती और बाद में परिजनों के दबाव में की गई कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

उधार के रुपये से शुरू हुआ विवाद

डोहरा, थाना बारादरी निवासी पप्पू के मुताबिक 14 जनवरी को उनके बेटे राहुल का लकी लभेड़ा, भीमा और आकाश ठाकुर से उधार दिए गए पैसों को लेकर विवाद हुआ था। कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने राहुल के साथ बेरहमी से मारपीट कर दी। गंभीर रूप से घायल राहुल को परिजन आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे।

जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष

राहुल का इलाज रामपुर गार्डन स्थित नारायण हॉस्पिटल में चल रहा था। कई दिनों तक वह जिंदगी और मौत से जूझता रहा। परिवार को उम्मीद थी कि राहुल बच जाएगा, लेकिन 21 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया। जैसे ही राहुल की मौत की खबर फैली, पूरे इलाके में मातम और गुस्से का माहौल बन गया।

हत्या में बदला मामला, भड़का जनआक्रोश

राहुल की मौत के बाद पुलिस ने मामले को हत्या में तब्दील करते हुए पोस्टमार्टम कराया। लेकिन आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी न होने से परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया गया। महिलाओं और युवाओं ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए।

पुलिस पर बढ़ा दबाव

घंटों चले हंगामे के बाद पुलिस प्रशासन पर भारी दबाव बना। वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा और आश्वासन देना पड़ा कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इसके बाद पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश तेज कर दी।

सुबह-सुबह मुठभेड़

गुरुवार सुबह करीब सवा छह बजे मुखबिर से सूचना मिली कि मुख्य आरोपी लकी लभेड़ा रामगंगानगर परियोजना के पंचवटी एन्क्लेव सेक्टर-11 में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।

सिपाही घायल, जवाबी फायरिंग

आरोपी की गोली लगने से सिपाही अक्षय तोमर घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ के दौरान लकी लभेड़ा के दोनों पैरों में गोली लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने मौके से उसे गिरफ्तार कर लिया।

हथियार और बाइक बरामद

पुलिस ने आरोपी के पास से एक तमंचा, एक खोखा, एक जिंदा कारतूस और सफेद रंग की अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की है। घायल आरोपी और घायल सिपाही दोनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों भीमा और आकाश ठाकुर की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। मुठभेड़ को लेकर अलग से मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

कई सवाल, कई चिंताएं

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो राहुल की जान बच सकती थी? परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस ने पहले ही सख्ती दिखाई होती, तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता।

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