पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों की रसोई तक महसूस किया जाने लगा है। शनिवार से बरेली में एलपीजी सिलेंडरों की नई दरें लागू हो गई हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिसके बाद अब उपभोक्ताओं को 14.2 किलो का सिलेंडर 931 रुपये में मिलेगा। वहीं कॉमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में भी 115 से 119 रुपये तक की वृद्धि की गई है। इस बढ़ोतरी से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों की लागत भी बढ़ने की संभावना है।
पश्चिम एशिया तनाव का असर अब रसोई तक
पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत के कई शहरों की तरह बरेली में भी देखने को मिल रहा है। शनिवार से एलपीजी सिलेंडरों की नई दरें लागू कर दी गई हैं, जिसके बाद घरेलू और व्यावसायिक दोनों प्रकार के गैस सिलेंडर महंगे हो गए हैं। इस कीमत बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। खासतौर पर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए रसोई का बजट और बढ़ने वाला है।
घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये महंगा
नई दरों के अनुसार 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि की गई है। इसके बाद अब बरेली में घरेलू सिलेंडर की कीमत 931 रुपये हो गई है। पहले जहां उपभोक्ताओं को सिलेंडर अपेक्षाकृत कम कीमत पर मिल रहा था, वहीं अब इस बढ़ोतरी के बाद परिवारों के मासिक खर्च में अतिरिक्त बोझ जुड़ गया है। गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से खासकर उन परिवारों की चिंता बढ़ गई है जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं।
कॉमर्शियल सिलेंडर में भी बढ़ोतरी
घरेलू गैस के साथ-साथ 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी वृद्धि की गई है। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम में लगभग 115 से 119 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि अलग-अलग तेल कंपनियों के सिलेंडरों की कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है। इस बढ़ोतरी का असर सीधे तौर पर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और अन्य खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों पर पड़ेगा। इन प्रतिष्ठानों की लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।
जिले में करीब 10 लाख एलपीजी उपभोक्ता
जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) मनीष कुमार सिंह के अनुसार बरेली जिले में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या काफी बड़ी है। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 10 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 4.16 लाख उपभोक्ता उज्ज्वला योजना के तहत जुड़े हुए हैं। सरकार की इस योजना के तहत गरीब परिवारों को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराया गया था ताकि उन्हें पारंपरिक ईंधन के बजाय स्वच्छ ईंधन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
सप्लाई को लेकर घबराने की जरूरत नहीं
डीएसओ मनीष कुमार सिंह ने कहा कि जिले में एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही सिलेंडर की बुकिंग कराएं। प्रशासन के अनुसार तेल कंपनियों द्वारा पर्याप्त मात्रा में गैस की आपूर्ति की जा रही है और वितरण व्यवस्था भी सामान्य रूप से चल रही है।
21 दिन बाद ही मिल सकेगी दूसरी रिफिल
- नई व्यवस्था के तहत घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर भी एक महत्वपूर्ण नियम लागू किया गया है।
- अब एक सिलेंडर की बुकिंग कराने के बाद दूसरी रिफिल के लिए उपभोक्ताओं को 21 दिन का इंतजार करना होगा।
- यानी एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर तीन सप्ताह बाद ही बुक कराया जा सकेगा।
पेट्रोलियम कंपनियों का कहना है कि यह नियम एहतियातन लागू किया गया है ताकि किसी प्रकार की अनावश्यक स्टॉकिंग न हो और सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।
समारोह वाले घरों को हो सकती है परेशानी
उत्तर प्रदेश एलपीजी गैस डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के प्रदेश सचिव आदर्श शर्मा के अनुसार इस नियम से कुछ परिवारों को परेशानी हो सकती है। खासतौर पर उन घरों में जहां शादी-समारोह या बड़े आयोजन होने वाले हैं, वहां गैस की खपत अधिक होती है। ऐसे में यदि सिलेंडर जल्दी खत्म हो जाए तो दूसरी बुकिंग के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे आयोजनों के लिए कॉमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग पर कोई समय सीमा लागू नहीं है।
इंडेन कंपनी ने जारी की अपील
इंडेन पेट्रोलियम कंपनी की ओर से जारी पोस्टर में उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं। कंपनी के अनुसार जिले में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे जरूरत के अनुसार ही सिलेंडर बुक कराएं और अनावश्यक घबराहट में अतिरिक्त बुकिंग न करें।
रसोई के बजट पर पड़ेगा असर
गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर घरों के रसोई बजट को प्रभावित करेगी। पहले से ही खाद्य पदार्थों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने के कारण आम लोग महंगाई से परेशान हैं। ऐसे में गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से घरेलू खर्च और बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में एलपीजी के दामों में और भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।