लखनऊ। होली से पहले उत्तर प्रदेश के करीब 35 लाख सरकारी कर्मचारियों और लाखों संविदाकर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि सभी नियमित और आउटसोर्सिंग कर्मियों का वेतन 28 फरवरी तक हर हाल में उनके खातों में पहुंच जाए। साथ ही 2, 3 और 4 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने से कर्मचारियों को लगातार चार दिन का अवकाश मिलेगा, जिससे वे अपने परिवार के साथ रंगों का त्योहार पूरे उत्साह से मना सकेंगे।
लखनऊ। रंगों के त्योहार होली से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने करीब 35 लाख सरकारी कर्मचारियों और लाखों संविदाकर्मियों को ऐसा तोहफा दिया है, जिसने पूरे सरकारी महकमे का माहौल उत्साह से भर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी कर्मचारियों का वेतन हर हाल में होली से पहले उनके खातों में पहुंच जाना चाहिए। इसके साथ ही 2, 3 और 4 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिए गए हैं, जबकि 1 मार्च को पहले से रविवार है। यानी कर्मचारियों को लगातार चार दिन का अवकाश मिलेगा।
वेतन में देरी नहीं… सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा है कि वेतन भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वित्त विभाग ने सभी जिलाधिकारियों, मुख्य एवं वरिष्ठ कोषाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि फरवरी माह का वेतन 28 फरवरी तक जारी कर दिया जाए। खास बात यह है कि 28 फरवरी को शनिवार होने के बावजूद इसे कार्यदिवस घोषित किया गया है, ताकि भुगतान प्रक्रिया प्रभावित न हो। सरकार का साफ संदेश है कि होली जैसे बड़े त्योहार पर किसी भी कर्मचारी को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ आउटसोर्सिंग, संविदाकर्मी, सफाईकर्मी और अस्थायी कर्मचारियों के भुगतान को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
चार दिन का ब्रेक, गांव जाने की तैयारी
इस बार अवकाश का कैलेंडर कर्मचारियों के लिए बेहद अनुकूल साबित हो रहा है।
28 फरवरी (शनिवार) – कार्यदिवस, लेकिन वेतन जारी
- 1 मार्च – रविवार (सार्वजनिक अवकाश)
- 2 मार्च – होलिका दहन
- 3 मार्च – विशेष अवकाश
- 4 मार्च – होली
यानी 28 फरवरी को दफ्तर का काम निपटाकर कर्मचारी अपने पैतृक गांवों की ओर रवाना हो सकते हैं। इसके बाद लगातार चार दिन का अवकाश मिलेगा। होलिका दहन और रंग वाली होली दोनों ही दिन परिवार के साथ मनाने का मौका मिलेगा।
संविदाकर्मियों के लिए भी राहत
अक्सर देखा जाता है कि नियमित कर्मचारियों की तुलना में संविदाकर्मियों और आउटसोर्स कर्मचारियों को भुगतान में देरी का सामना करना पड़ता है। इस बार सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी श्रेणी के कर्मचारी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। सभी का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए। यह आदेश लाखों ऐसे कर्मचारियों के लिए राहत भरा है, जो त्योहार से पहले वेतन मिलने का इंतजार करते रहते हैं। खास तौर पर सफाईकर्मी, तकनीकी स्टाफ और अन्य अस्थायी कर्मचारी इस फैसले से काफी राहत महसूस कर रहे हैं।
क्यों अहम है यह फैसला?
होली उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा और जीवंत त्योहार है। इस दौरान बाजारों में खरीदारी बढ़ती है, गांवों में रौनक लौटती है और परिवारों का पुनर्मिलन होता है। वेतन समय पर मिलने से कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, जिससे स्थानीय बाजारों में भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी स्तर पर वेतन भुगतान में देरी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। यह निर्देश प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। वित्त विभाग ने सभी जिलों को स्पष्ट टाइमलाइन दी है, ताकि भुगतान की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके। कोषागारों को पहले से ही आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
कर्मचारियों में उत्साह
सरकारी दफ्तरों में इस फैसले के बाद चर्चा का माहौल है। कई कर्मचारी इसे “डबल गिफ्ट” बता रहे हैं—एक तरफ समय पर वेतन, दूसरी तरफ लंबा अवकाश। संविदाकर्मियों और आउटसोर्स स्टाफ के बीच भी खासा उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े कर्मचारी खास तौर पर खुश हैं, क्योंकि उन्हें अब गांव जाकर त्योहार मनाने में किसी प्रकार की जल्दबाजी नहीं करनी पड़ेगी।
त्योहार पर खुशियां सुनिश्चित करने की कोशिश
सरकार का तर्क साफ है—त्योहार खुशियां बांटने का अवसर होता है और आर्थिक तनाव उस खुशी को फीका कर देता है। ऐसे में समय पर वेतन और अवकाश की घोषणा कर्मचारियों के लिए राहत पैकेज की तरह है। होली के रंग इस बार उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए सचमुच कुछ ज्यादा ही चमकदार होने वाले हैं। समय पर वेतन, चार दिन का अवकाश और प्रशासनिक सख्ती—इन तीन कदमों ने इस फैसले को खास बना दिया है।