सीतापुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को तपोधाम सतगुरु गिरधारी नाथ जी महाराज तपोधाम आश्रम में मूर्ति स्थापना दिवस व भंडारा में शामिल हुए। सीएम ने यहां फिर सनातन समाज को चेताया। कहा कि राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, विंध्यवासिनी धाम ने भव्य स्वरूप ले लिया, मथुरा-वृंदावन, ब्रज भूमि, नैमिषारण्य में कार्य हो रहे हैं। उन्होंने पूछा कि देश के स्वतंत्र होते ही गिरधारी नाथ महाराज को हिंगलाज धाम छोड़कर सीतापुर क्यों आना पड़ा? फिर समाज से कहा कि सनातन कमजोर होगा तो देश कमजोर होगा। देश कमजोर होगा तो सनातन के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा होगा, इसलिए बांटने वालों से सावधान रहें। बांग्लादेश में मरने-जलाने वाले हिंदुओं पर सभी मौन हैं। मरने वाले दलित हिंदु हैं। धर्माचार्यों व कुछ हिंदु संगठनों को छोड़ दिया जाए तो कोई मानवाधिकार या दुनिया का संगठन वकालत करने वाला नहीं है। सीएम ने चेताया कि नेताओं के बहकावे में आने और बंटने की आवश्यकता नहीं। जाति, वादों के बहकावे में न आना, क्योंकि देश का दुश्मन आंखे लगाए बैठा है। आप बंट गए तो कटने के रास्ते भी खुल जाएंगे। ऐसा न होने देना, क्योंकि देश अच्छी दिशा में बढ़ रहा है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत लंबी यात्रा के लिए खुद को तैयार कर रहा है। भारत दुनिया की बड़ी ताकत बनेगा, कोई रोक नहीं सकता है। ऐसे में भारतवासियों का दायित्व है कि उस यात्रा में सहभागी बनें और मिलकर कार्य करें। यदि ऐसा कर सके तो वर्तमान व भावी पीढ़ी के लिए परिणाम बेहतर होगा।
भारत ने विपत्ति में सभी का साथ दिया, लेकिन कुछ लोगों ने यहां आकर गला दबाने का प्रयास किया
सीएम योगी ने कहा कि दुनिया में तमाम सभ्यता-संस्कृति समय के साथ समाप्त हो गई, लेकिन सनातन संस्कृति तमाम तूफानों को झेलते हुए आज भी गरिमा-गौरव के साथ खड़ी है और दुनिया को मैत्री, करुणा के साथ वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश दे रही है। इसे तोड़ने के लिए अनेक प्रयास हुए। सनातन धर्मावलंबियों ने विपत्ति के समय हर किसी को शरण देकर उसे पुष्पित-पल्लवित होने का अवसर दिया, लेकिन कुछ लोगों ने शरणार्थी धर्म का निर्वहन नहीं किया, बल्कि यहां आकर हाथ की अंगुली पकड़कर गला दबाने का प्रयास किया और देश को लूटने में कसर नहीं छोड़ी।
वसुधैव कुटुम्बम् का भाव सनातन धर्मावलंबियों के जीवन का व्रत
सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्मावलंबियों के पास बल, वैभव व बुद्धि भी थी, लेकिन कभी दुरुपयोग नहीं किया, बल्कि इसका उपयोग मानव कल्याण के लिए किया। वसुधैव कुटुम्बम् का भाव सनातन धर्मावलंबियों के जीवन का व्रत है। हमने चराचर जगत के कल्याण की बात की है। हमारे यहां पहला ग्रास गोमाता और अंतिम ग्रास कुत्ते का होता है। गाय और कुत्ते को भी हमने अपना हिस्सा प्रदान किया है। चींटी को आटा-चीनी तो जहरीले सांप को भी दूध-बताशा चढ़ाते हैं।
हम बंटते गए तो तो लूटपाट बढ़ते गए
सीएम योगी ने कहा कि चाणक्य और चंद्रगुप्त मौर्य का शासन देश के लिए स्वर्णयुग था। चाणक्य जैसा सलाहकार हो, वह देश कभी विफल नहीं हो सकता। उनकी सूझबूझ, बुद्धिमत्ता, अर्थतंत्र का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि चाणक्य जैसा गुरु मिले, जो देश को सन्मार्ग पर लेकर चले और समाज को नई दृष्टि दे तो देश आर्थिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता है। उस समय दुनिया के अर्थतंत्र का 45-46 फीसदी हिस्सा भारत के पास था। भारत दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत थी। हम बंटते गए तो हमले, लूटपाट बढ़ते गए। 400 वर्ष पहले तक दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत पहले और चीन दूसरे नंबर पर था। चीन तेजी से बढ़ रहा था, लेकिन उस समय भारत को वैसा नेतृत्व नहीं मिल पाया था, जो अपनी समृद्धि को और तेज कर सके।
जो देश मूल्यों-आदर्शों से विरत हो जाता, उसका वर्तमान भी सुरक्षित नहीं रहता
सीएम योगी ने कहा कि जो देश सांस्कृतिक-आध्यात्मिक मूल्यों से अलग हो जाता, महापुरुषों पर गौरव की अनुभूति नहीं करता, मूल्यों-आदर्शों से विरत हो जाता, उसका वर्तमान भी सुरक्षित नहीं होता और उसका कोई भविष्य भी नहीं होता। हमारे साथ भी वही हो रहा था, चीन बढ़ रहा था, लेकिन भारत को उस दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास नहीं हुआ। धीरे-धीरे भारत कमजोर होता गया। मुगलों और अंग्रेजों ने भारत की आश्रम पद्धति पर प्रहार किया। यहां के किसानों को कर्जदाता बना दिया। हस्तशिल्पी कारीगर बेरोजगार हो गया। देश में असमंजस की स्थिति बन गई। देश जब 1947 में आजाद हुआ, उस समय दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी घटकर मात्र दो फीसदी रह गई।
सभ्यता और संस्कृति के साथ समृद्धि की चिंता साथ-साथ चलती है तो परिणाम भी आते दिखाई देते हैं
सीएम योगी ने 11 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में बदलते भारत की प्रगति का जिक्र किया। बोले कि सभ्यता और संस्कृति के साथ समृद्धि की चिंता साथ-साथ चलती है तो परिणाम भी आते दिखाई देते हैं। भारत फिर से तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। अमेरिका व चीन को छोड़कर शेष देश भारत से पीछे होंगे। भारत तेज गति से बढ़ रहा है तो इसका कारण है कि भारत ने अपने मूल्यों-आदर्शों को पहचाना, विरासत को पुनर्स्थापित करने के अभियान को अपने कंधे पर लिया है।
विकास की नई बुलंदियों को छू रहा सीतापुर
सीएम योगी ने कहा कि 1947 में योगीराज गिरधारी नाथ जी महाराज को पाकिस्तान के हिंगलाज देवी के धाम को छोड़कर कुरुक्षेत्र होते हुए सीतापुर आना पड़ा। इस स्थान पर उन्होंने गुफा बनाई और वर्षों तक यहां साधना की। उनके उपरांत गुरु योगीराज चरणनाथ जी महाराज ने इस आश्रम को आगे बढ़ाया। गुरु का आदेश था कि ऐसे स्थान पर जाओ, जहां कोई पहचानता न हो। सीतापुर में उन्होंने योग आश्रम बनाया, गुफा बनाई और महीनों साधना की। लंबे समय तक समाधि में बैठना, बिना कुछ खाए-पीए महीनों तक कच्ची गुफा में बैठकर साधना की तो यह योग से ही संभव था। 21 जून की तिथि को यूएनओ ने भी विश्व योग दिवस के रूप में मान्यता दी। हिंगलाज देवी का स्थल व गोरखधूना पश्चिमी भारत का प्रमुख शक्तिपीठ था। दुर्भाग्य से वह स्थान पाकिस्तान में जाने के कारण भारत के भक्त बहुत कम संख्या में वहां जा पाते। नाथ संप्रदाय के परम आचार्य महायोगी गुरु गोरखनाथ जी सभी शक्तिपीठों के प्रतिष्ठापक थे। वहां उनका धूना भी स्थित है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सीतापुर को भारत के सनातन धर्म का पौराणिक स्थल बताते हुए कहा कि सीतापुर आज भी विकास की नई बुलंदियों को छू रहा है।
राजनीति की दीवारों से हटकर और मत-संप्रदाय की दीवारों को फांदकर पूरे भारत को जोड़ने वाली है राम और भारतीयों की आत्मीयता
सीएम योगी ने कहा कि कुंभ की परंपरा भारत में हजारों वर्षों की है, लेकिन पहली बार 2019 में प्रयागराज कुंभ को पहली बार वैश्विक मान्यता तब मिली, जब पीएम मोदी ने यूनेस्को के माध्यम से कुंभ को विश्व की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दिलाई। यह विरासत पर गौरव की अनुभूति करने वाला क्षण था। 22 जनवरी 2024 को पीएम मोदी के करकमलों से अयोध्या में प्रभु रामलला की भव्य प्रतिमा की प्राणप्रतिष्ठा हो रही थी तो हर आंखों में श्रद्धा व गौरव के आंसू थे। हर घर में दीप जल रहे थे, हर भारतवासी दीपावली का आनंद मना रहा था। हर भारतीय ने राम से आत्मीयता का रिश्ता जोड़ा है। यह आत्मीयता राजनीति की दीवारों से हटकर और मत-संप्रदाय की दीवारों को फांदकर पूरे भारत को जोड़ने वाली है। हर भारतीय सुख-दुख में राम का नाम ही लेता है। सीएम ने कहा कि दर्शन-उपासना विधि कुछ हो सकती है, लेकिन देश और धर्म हमारे लिए प्रथम है।
इस दौरान राजस्थान के विधानसभा सदस्य बालक नाथ, योगी तेजनाथ, पीर महंत हरिनाथ, महंत कृष्णनाथ, महंत सुंदरनाथ, यूपी के मंत्री राकेश राठौर ‘गुरु’, सुरेश राही, विधायक ज्ञान तिवारी, मनीष रावत, रामकृष्ण भार्गव, शशांक त्रिवेदी, निर्मल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रद्धा सागर आदि की मौजूदगी रही।