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बरेली जिले के परतासपुर स्थित श्री रामस्वरूप इंटर कॉलेज में वार्षिकोत्सव 2026 का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने गणपति वंदना से लेकर देशभक्ति, लोकसंस्कृति, नृत्य, नाटक और सामाजिक विषयों पर आधारित प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति रही, वहीं मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

बरेली जनपद के परतासपुर स्थित श्री रामस्वरूप इंटर कॉलेज में आयोजित वार्षिकोत्सव 2026 केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचल की शैक्षिक और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत उदाहरण बन गया। पूरे परिसर में सुबह से ही उत्सव का माहौल था। रंग-बिरंगी सजावट, बच्चों के चेहरे पर उत्साह और अभिभावकों की उम्मीदें—सब कुछ इस आयोजन को खास बना रहा था।

गणपति वंदना से हुई शुरुआत, मां सरस्वती को किया नमन

कार्यक्रम का शुभारंभ गणपति वंदना और सरस्वती वंदना से हुआ। मंच पर विद्यार्थियों की सधी हुई प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके बाद अतिथियों के स्वागत में स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, जिसने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।

राजस्थानी, हरियाणवी और पंजाबी संस्कृति ने बिखेरा रंग

वार्षिकोत्सव में भारत की विविध संस्कृतियों की झलक देखने को मिली। छात्रों ने राजस्थानी लोकनृत्य, हरियाणवी संस्कृति, पंजाबी नृत्य और शिव तांडव जैसी प्रस्तुतियों के माध्यम से मंच पर ऊर्जा और भक्ति का अद्भुत संगम पेश किया। दर्शक दीर्घा तालियों से गूंज उठी और हर प्रस्तुति पर बच्चों का आत्मविश्वास साफ नजर आया।

देशभक्ति और सामाजिक विषयों पर नाट्य प्रस्तुतियां

कार्यक्रम की खास बात रही देशभक्ति नाटक, नशा विरोधी एक्ट, और सोशल मीडिया एक्ट। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्रों ने समाज को आईना दिखाया— जहां एक ओर देशप्रेम का संदेश था, वहीं दूसरी ओर नशे और मोबाइल की लत से होने वाले दुष्परिणामों को प्रभावशाली तरीके से दर्शाया गया। ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों द्वारा इतनी परिपक्व प्रस्तुति ने सभी को चौंका दिया।

राधाकृष्ण रसलीला और परियों की शहजादी ने मोहा मन

छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत राधाकृष्ण रसलीला ने धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को छू लिया। वहीं ‘परियों की शहजादी’ और कॉमेडी एक्ट ने दर्शकों को मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। सोलो डांस और किड्स एक्ट में छोटे बच्चों का आत्मविश्वास देखने लायक था।

मुख्य अतिथि बोले—छात्र ही देश का भविष्य

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नीरज मौर्य (सांसद) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा— छात्र ही देश का भविष्य होते हैं। ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बच्चों का आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ता है। उन्होंने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।

शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों पर दिया गया संदेश

समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक विजयपाल सिंह ने कहा कि आज के बच्चे ही कल के कर्णधार हैं। मंच पर प्रस्तुत की गई प्रतिभाएं उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत हैं। वहीं समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव शुमलेश यादव ने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया।

मेधावी छात्रों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम श्रेणी प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं और मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे और अभिभावकों में गर्व साफ दिखाई दिया।

अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों की रही बड़ी भागीदारी

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक, मीडिया कर्मी और क्षेत्रीय गणमान्य लोग मौजूद रहे। पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेश्वरी देवी, वर्तमान जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शिल्ली देवी, विद्यालय प्रबंधक सुधीर यादव, शिक्षकगण और स्टाफ ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

प्रधानाचार्य ने जताया आभार

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अरुण कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों के माध्यम से छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करता रहेगा।

ग्रामीण शिक्षा की मजबूत तस्वीर

यह वार्षिकोत्सव सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह साबित करता है कि ग्रामीण अंचल के विद्यालय भी प्रतिभा, अनुशासन और संस्कारों का मजबूत केंद्र बन रहे हैं। श्री रामस्वरूप इंटर कॉलेज का यह आयोजन शिक्षा और संस्कृति के समन्वय का प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।

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