लखनऊ। प्रदेश में रंग, रोज़ा और रिजल्ट—तीनों के बीच कानून व्यवस्था कसने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि त्योहारों की खुशी में खलल डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। होली, रमजान, ईद और बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनज़र प्रशासन को सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ‘रंग में भंग’ डालने वालों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई का संदेश साफ है।
‘रंग में भंग डाला तो खैर नहीं’, त्योहारों और परीक्षाओं पर सीएम योगी का सख्त रुख
लखनऊ। प्रदेश में आने वाले दिनों में एक साथ कई संवेदनशील मौके हैं—होली का उत्सव, रमजान का पवित्र महीना, संभावित ईद और यूपी बोर्ड की परीक्षाएं। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने दो टूक कहा—खुशियां मनाइए, लेकिन अराजकता फैलाने की कोशिश हुई तो कार्रवाई तत्काल होगी। सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहार आपसी सौहार्द और परंपराओं के अनुरूप मनाए जाएं। किसी भी नई परंपरा, विवादित गतिविधि या भड़काऊ प्रयास को तुरंत रोका जाए। प्रशासन को ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के आदेश दिए गए हैं।
होली पर विशेष सतर्कता: शोभायात्राओं पर निगरानी
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2 से 4 मार्च के बीच होली का पर्व मनाया जाएगा। ब्रज क्षेत्र सहित प्रदेश के अनेक हिस्सों में शोभायात्राएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और होलिका-दहन होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि पारंपरिक स्थलों पर ही होलिका-दहन हो। सड़कों या यातायात बाधित करने वाली जगहों पर इसे हरगिज़ अनुमति न दी जाए। सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है। अफवाह, भड़काऊ पोस्ट या सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाले कंटेंट पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिया गया है कि असामाजिक तत्वों की पहचान पहले से सुनिश्चित कर ली जाए।
रमजान और संभावित ईद: संवाद से बनेगा सौहार्द
सीएम ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के साथ ही रमजान भी शुरू होगा और लगभग 21 मार्च को ईद मनाई जा सकती है। ऐसे में प्रशासन को धर्मगुरुओं और स्थानीय समुदाय प्रतिनिधियों से निरंतर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि किसी भी नई परंपरा की शुरुआत न होने पाए। नमाज, जुलूस या धार्मिक आयोजनों के दौरान कानून व्यवस्था सर्वोपरि रहे। सौहार्द और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।
बोर्ड परीक्षाएं: नकल पर ‘कठोरतम प्रहार’
18 फरवरी से शुरू हो रही यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को लेकर भी सीएम गंभीर दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर दायरे में अवांछित गतिविधियां न हों। पेपर लीक या सामूहिक नकल की किसी भी कोशिश पर त्वरित एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।
महाशिवरात्रि पर चार जिलों में हाई अलर्ट
वाराणसी, मेरठ, लखीमपुर खीरी और बाराबंकी में महाशिवरात्रि पर विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं। मंदिरों और जलार्पण स्थलों पर भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश हैं। महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए NDRF और SDRF की टीमें 24×7 तैयार रहेंगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल और रेस्क्यू टीमों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
अवैध शराब, स्टंटबाजी और लाउडस्पीकर पर सख्ती
त्योहारों के दौरान अवैध और जहरीली शराब की बिक्री पर रोक के लिए अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों पर बाइक या कार से स्टंटबाजी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। धर्मस्थलों के लाउडस्पीकरों की आवाज परिसर से बाहर न जाए, यह सुनिश्चित किया जाएगा। रात 10 बजे के बाद डीजे और तेज ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
आपात सेवाएं और ट्रैफिक प्रबंधन पर जोर
सीएम ने 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम में सुधार लाने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आपात सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के निर्देश भी दिए गए हैं। त्योहारों के दौरान रूट डायवर्जन और यातायात प्लान पहले से सार्वजनिक किया जाएगा।
जनगणना और प्रशासनिक तैयारियां
आगामी जनगणना के प्रथम चरण को लेकर जिला अधिकारियों को समय से तैयारियां पूरी करने का आदेश दिया गया है। डेटा संग्रहण और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
साफ संदेश: शांति भंग की तो कार्रवाई तय
मुख्यमंत्री के सख्त तेवरों से साफ संकेत है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं होगा। त्योहारों की खुशी और परीक्षाओं की गंभीरता—दोनों की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहेगा।