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उत्तर प्रदेश के बदायूं में हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के सीबीजी प्लांट में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। प्लांट परिसर में घुसकर डीजीएम सुधीर कुमार गुप्ता और डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। घटना के बाद जहां आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा एक्शन देखने को मिला। एसएसपी के बाद अब सीओ को भी हटा दिया गया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित कर दी गई है।

HPCL प्लांट में दो अफसरों की हत्या से मचा हड़कंप

बदायूं जिले के एचपीसीएल सीबीजी प्लांट में 12 मार्च को हुई इस दोहरी हत्या ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी अजय प्रताप सिंह प्लांट परिसर में घुसा और वहां मौजूद डीजीएम सुधीर कुमार गुप्ता तथा डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा को गोली मार दी। गोलीबारी की घटना इतनी अचानक हुई कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल अधिकारियों को अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। यह खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अजय प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि गिरफ्तारी के दौरान मुठभेड़ हुई जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

सीएम योगी का सख्त रुख, अफसरों पर गिरी गाज

इस सनसनीखेज घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि इस हत्याकांड की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाए।घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़ा एक्शन लेते हुए पहले बदायूं के एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह को पद से हटा दिया गया। इसके बाद मामले में लापरवाही के आरोपों के चलते सीओ डॉ. देवेंद्र कुमार को भी बदायूं से हटाकर डीजीपी मुख्यालय से अटैच कर दिया गया। सरकार ने यह साफ कर दिया है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर साजिश या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

SIT करेगी जांच, प्लांट सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिए। इस टीम की अध्यक्षता बरेली मंडलायुक्त को सौंपी गई है। SIT का उद्देश्य पूरे मामले की गहराई से जांच करना और यह पता लगाना है कि हत्या के पीछे सिर्फ व्यक्तिगत रंजिश थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश भी हो सकती है। इसके अलावा प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। एचपीसीएल सीबीजी प्लांट परिसर में अब स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने का निर्णय लिया गया है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

परिवारों के आरोप और राजनीतिक बयानबाजी

मृतक अधिकारियों के परिवारों ने इस घटना को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवारवालों का कहना है कि पहले से धमकियों की जानकारी प्रशासन को दी गई थी और सुरक्षा की मांग भी की गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिजनों ने बदायूं के जिलाधिकारी पर भी सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि शिकायत के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई। इस वजह से अब प्रशासनिक स्तर पर और कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है। इधर इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि यह घटना राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भेजने की घोषणा की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

घटना से लेकर कार्रवाई तक… क्या-क्या हुआ

इस पूरे मामले की घटनाक्रम पर नजर डालें तो 12 मार्च को एचपीसीएल के डीजीएम सुधीर कुमार गुप्ता और डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

उसी दिन पुलिस ने आरोपी अजय प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया और मुठभेड़ के दौरान उसे गोली लगी। घटना के बाद मूसाझाग थाना क्षेत्र के एसएचओ अजय कुमार और चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया।

इसके अगले दिन यानी 13 मार्च को प्रशासनिक कार्रवाई का दायरा बढ़ा और बदायूं के एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह को हटा दिया गया। इसके बाद सीओ डॉ. देवेंद्र कुमार को भी पद से हटाकर डीजीपी मुख्यालय से अटैच कर दिया गया और मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई।

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