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सिंगापुर की धरती से मुख्यमंत्री ने जब ‘नया भारत’ का मंत्र दिया तो प्रवासी भारतीयों के बीच जोश की लहर दौड़ गई। उन्होंने साफ कहा कि भारत अब केवल विकास की बात नहीं करता, बल्कि दुनिया के सामने अपनी ताकत साबित कर रहा है। जल्द ही भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में तीसरे स्थान पर होगा।

‘न्यू इंडिया’ का आत्मविश्वास

सीएम योगी ने कहा कि आज हर भारतीय को गर्व होना चाहिए कि देश दुनिया के सामने अपनी ताकत दिखा रहा है। उनके मुताबिक भारत अब केवल एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि एक निर्णायक वैश्विक शक्ति बन रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित होगा। यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि मौजूदा समय में भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और वैश्विक संस्थानों की रिपोर्ट्स भी भारत की तेज़ी से बढ़ती जीडीपी की पुष्टि करती हैं।

विकास की नई इबारत

सीएम ने कहा कि 11 वर्ष पहले शायद ही किसी ने सोचा होगा कि भारत डिजिटल क्रांति में अग्रणी बनेगा। आज डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इकोसिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के क्षेत्र में भारत ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। हाईवे, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, सेमीकंडक्टर निवेश और रक्षा उत्पादन—हर क्षेत्र में भारत की सक्रियता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि भारत का स्टार्टअप सेक्टर दुनिया के शीर्ष देशों में गिना जा रहा है। युवाओं को रोजगार देने और नवाचार को बढ़ावा देने में भारत ने एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया है।

एआई समिट और वैश्विक साझेदारी

नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल एआई समिट का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने बताया कि 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए। इससे यह स्पष्ट है कि दुनिया के विकसित राष्ट्र भारत के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। भारत आज केवल अपने 140 करोड़ नागरिकों के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक संतुलन और विकास में भी भूमिका निभा रहा है। यह बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में भारत की बढ़ती साख का संकेत है।

विरासत और विकास का संगम

सिंगापुर में अपने संबोधन के दौरान योगी आदित्यनाथ ने भारत की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने Ram Mandir Ayodhya के निर्माण को केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक बताया। इसी के साथ उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की चर्चा की। उनके अनुसार भारत की आत्मा उसकी संस्कृति में बसती है और विकास उसी आत्मा के साथ होना चाहिए।

पूर्व सरकारों पर प्रहार

सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश की पूर्व स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि नौ वर्ष पहले प्रदेश की पहचान दंगे, असुरक्षा और अव्यवस्था से जुड़ गई थी। लेकिन पिछले वर्षों में कानून व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश आज निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्रदेश में भारी निवेश आया है, जिससे रोजगार सृजन और औद्योगिक विस्तार को गति मिली है।

प्रवासी भारतीयों का उत्साह

सिंगापुर में मौजूद भारतीय समुदाय ने मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान ‘जय श्रीराम’ के जयकारे लगाए। यह न केवल भावनात्मक जुड़ाव था, बल्कि सांस्कृतिक एकता की अभिव्यक्ति भी थी। सीएम ने कहा कि पूरी दुनिया एक परिवार है—‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना भारत की आत्मा है। भारत की आध्यात्मिक परंपरा और आधुनिक विकास मॉडल का यह संगम ही उसे विशिष्ट बनाता है।

क्या सचमुच तीसरी अर्थव्यवस्था बनेगा भारत?

आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट लगातार मजबूत बनी हुई है। मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर, डिजिटल पेमेंट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ने देश की आर्थिक रफ्तार को तेज किया है। अगर यही रफ्तार कायम रहती है तो आने वाले वर्षों में भारत जापान और जर्मनी जैसी अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ सकता है।

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