प्रयागराज: माघ मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए इस बार प्रशासन ने डिजिटल नवाचारों का सहारा लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को माघ मेला सेवा एप का उद्घाटन किया, जो श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में किसी भी समय अपनी समस्या या जरूरत को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने में सक्षम बनाएगा। मेला क्षेत्र के हर बिजली खंभे पर लगे QR कोड के माध्यम से यह ऐप सक्रिय होगा, जिससे आगंतुक अपनी समस्या तत्काल रिपोर्ट कर सकते हैं और प्रशासन उसकी त्वरित कार्रवाई करेगा। पहली बार पेश की गई यह सुविधा माघ मेले को डिजिटल और स्मार्ट बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
प्रयागराज: माघ मेला क्षेत्र में इस बार श्रद्धालुओं को डिजिटल मार्गदर्शन देने के लिए प्रशासन ने एक विशेष पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को माघ मेला सेवा एप का उद्घाटन किया। इस ऐप के जरिए मेले में आए श्रद्धालु अपनी समस्याओं और जरूरतों को सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं और त्वरित समाधान पा सकते हैं।
मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि ऐप को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि श्रद्धालु मेला क्षेत्र के किसी भी हिस्से से अपनी समस्या रिपोर्ट कर सकते हैं। मेला क्षेत्र के सभी बिजली खंभों पर QR कोड लगाए गए हैं। इन्हें स्कैन करते ही एक सरल फॉर्म खुलता है, जिसमें श्रद्धालु अपनी समस्या दर्ज कर सकते हैं। संबंधित विभाग को नोटिफिकेशन मिलते ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
इस ऐप के माध्यम से न केवल श्रद्धालुओं की सहायता होगी, बल्कि मेला प्रशासन को भी वास्तविक समय में मेला संचालन की जानकारी मिलेगी। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, सफाई और आपातकालीन सेवाओं को ऑनलाइन मॉनिटर किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल माघ मेले को सुरक्षित, सुगम और डिजिटल बनाने की दिशा में पहला कदम है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुविधा मिले और प्रशासन के सभी विभाग एप के माध्यम से समस्याओं का त्वरित समाधान करें। इसके साथ ही यह ऐप बड़ी संख्या में आने वाले तीर्थयात्रियों के अनुभव को सहज और यादगार बनाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की डिजिटल पहल धार्मिक आयोजनों में नई मिसाल पेश करेगी। मेला प्रशासन ने बताया कि आने वाले स्नान पर्वों के दौरान ऐप के माध्यम से रीयल-टाइम सूचना, दिशा निर्देश, और आपातकालीन सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
इस पहल से माघ मेला में पहली बार तकनीकी नवाचार का पूरा लाभ श्रद्धालुओं को मिलेगा। श्रद्धालु अब मेला क्षेत्र में अपनी समस्याओं और आपात स्थिति को तुरंत प्रशासन तक पहुंचा पाएंगे, जिससे मेला अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और सुविधाजनक बन सकेगा।