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गाजियाबाद
के नंदग्राम में चार साल की मासूम के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे शहर को हिला दिया है। चॉकलेट का लालच देकर आरोपी उसे घर से ले गया, पहले हैवानियत की सारी हदें पार कीं और फिर पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई सच्चाई ने हर किसी की रूह कंपा दी है—मासूम के शरीर पर 11 चोटों के निशान मिले हैं। इस घटना ने कानून-व्यवस्था और समाज दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चॉकलेट का लालच… और मौत की तरफ बढ़ते कदम

गाजियाबाद के नंदग्राम इलाके में सोमवार देर रात जो हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। चार साल की मासूम बच्ची को पड़ोस में रहने वाला गौरव प्रजापति चॉकलेट दिलाने का लालच देकर अपने साथ ले गया। बच्ची के पिता, जो पेशे से पेंटर हैं, रोज की तरह काम से लौटे तो बेटी घर पर नहीं मिली। पूछताछ में पता चला कि आरोपी उसे अपने साथ ले गया है। इसके बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग भी खोज में जुट गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि मासूम जिस भरोसे के साथ गई, वही उसकी आखिरी यात्रा बन जाएगी।

दरिंदगी की इंतिहा… 11 चोटों ने बयां की हैवानियत

जब बच्ची का शव घर से करीब 500 मीटर दूर मिला, तो हर कोई सन्न रह गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस वारदात की क्रूरता को उजागर कर दिया। बच्ची के सिर को पत्थर से कुचल दिया गया था और शरीर पर 11 चोटों के निशान पाए गए। नाजुक अंगों पर दांतों के निशान और चोटें इस बात का सबूत थीं कि आरोपी ने किस हद तक दरिंदगी की। यह सिर्फ एक हत्या नहीं थी, बल्कि इंसानियत के खिलाफ किया गया सबसे बड़ा अपराध था। मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम थीं और गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था।

हत्यारा बना हमदर्द… तलाश में शामिल होकर रचता रहा साजिश

इस पूरी घटना का सबसे खौफनाक पहलू यह रहा कि आरोपी खुद परिवार के साथ बच्ची की तलाश में शामिल रहा। वह लोगों के साथ इधर-उधर खोज करता रहा, ताकि किसी को उस पर शक न हो। लेकिन जब सच्चाई सामने आई, तो हर कोई हैरान रह गया। जिस व्यक्ति पर भरोसा किया गया, वही सबसे बड़ा गुनहगार निकला। यह घटना समाज में बढ़ते अविश्वास और अपराध की गहराई को भी उजागर करती है।

थाने पर उबाल… लोगों ने मांगा एनकाउंटर

घटना के बाद मंगलवार को नंदग्राम थाने पर भारी हंगामा हुआ। स्थानीय लोगों और परिजनों ने पुलिस को घेर लिया और आरोपी के एनकाउंटर की मांग करने लगे। लोगों का कहना था कि जब छोटे अपराधों में बदमाशों का एनकाउंटर हो सकता है, तो इस जघन्य अपराध में क्यों नहीं। पुलिस ने हालात को संभालने के लिए भारी फोर्स तैनात की और लोगों को समझाने की कोशिश की। लेकिन गुस्से की आग इतनी तेज थी कि हालात काफी देर तक तनावपूर्ण बने रहे।

हॉफ एनकाउंटर में गिरफ्तारी… लेकिन सवाल बाकी

पुलिस ने आरोपी गौरव प्रजापति को हॉफ एनकाउंटर के दौरान गिरफ्तार कर लिया। उसके दोनों पैरों में गोली लगी है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के अनुसार, आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हालांकि इस गिरफ्तारी के बाद भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं—क्या इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सिस्टम तैयार है? क्या मासूमों की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित है?

टूटा परिवार… मां पहले ही छोड़ गई थी साथ

इस घटना ने एक ऐसे परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया, जो पहले से ही मुश्किल हालात में जी रहा था। बच्ची के पिता ने बताया कि 2022 में वह कन्नौज से गाजियाबाद आए थे। उनकी पत्नी उन्हें छोड़कर किसी और के साथ चली गई थी। वह अकेले अपने बच्चों की परवरिश कर रहे थे। अब इस घटना ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह उजाड़ दिया है। एक तरफ बेटी की दर्दनाक मौत, दूसरी तरफ टूटे हुए सपने—यह दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

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