Social Sharing icon

अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रामनगरी अयोध्या द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी महोत्सव के अवसर पर भक्ति, श्रद्धा और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर हो उठी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा आयोजित समारोह के दूसरे दिन अंगद टीला मैदान में रामकथा, भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

अंगद टीला मंच से संत रामदिनेशाचार्य ने कहा,निर्मल बालक-भाव में ही होती है श्रीराम की सच्ची प्रतिष्ठा
अंगद टीला मंच से व्यास पीठ पर आसीन जगद्गुरु रामानुजाचार्य संत रामदिनेशाचार्य ने कहा कि बालक राम सहज और सुलभ हैं, और जिनके हृदय में बालक जैसा निर्मल भाव नहीं होता, उनके मन में राम की प्रतिष्ठा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि रामकथा ही जीवन के अज्ञान और अंधकार को दूर करने में समर्थ है। संत श्री ने कहा कि भगवान निर्मल मन चाहते हैं, क्योंकि मन में ही दंभ, द्वेष और दुराशा का वास होता है।

उन्होंने राम मंदिर निर्माण को अयोध्या के लिए प्राण प्रतिष्ठा के समान बताते हुए कहा कि सदियों बाद अयोध्या फिर से जीवंत हुई है और आज पूरा विश्व श्रीराम के बारे में जानने को उत्सुक है। संत रामदिनेशाचार्य ने भक्ति और प्रतिष्ठा के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि जहां प्रतिष्ठा की चिंता होती है, वहां भक्ति नहीं होती, और कलयुग में मीरा इसका श्रेष्ठ उदाहरण हैं। इस अवसर पर उन्होंने “माया तेरी बहुत कठिन है राह” भजन प्रस्तुत किया, जिस पर श्रोता भावविभोर हो उठे। व्यास पीठ पूजन में ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, धनंजय पाठक, डॉ. चंद्रगोपाल पाण्डेय सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।रामायणी रामशरण, नरेश गर्ग, अरुण गोयल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

नागपुर के शिवगर्जना समूह ने ढोल-ताशों की लय से राम मंदिर परिसर को भक्ति और उत्साह से भर दिया
इसी क्रम में महाराष्ट्र के नागपुर से आए शिवगर्जना समूह ने श्रीराम मंदिर परिसर में ढोल-ताशों की सामूहिक और लयबद्ध प्रस्तुति से विशेष आकर्षण बिखेरा। लगभग 100 सदस्यों वाले इस समूह ने सुबह मणिपर्वत स्थित तीर्थंक्षेत्रपुरम और दोपहर में राम मंदिर परिसर में श्रीरामलला के समक्ष अपनी कला का प्रदर्शन किया। ढोल-ताशों की गूंज पर श्रद्धालु स्वयं को थिरकने से रोक नहीं सके। समूह का नेतृत्व प्रतीक टेटे, राम टेटे, प्रथम दाऊतपुरे ने किया, जिसमें लगभग 30 महिलाएं और 70 युवक शामिल रहे। सायंकाल अंगद टीला मंच पर भी शिवगर्जना समूह की प्रस्तुति ने समारोह को रोमांचक बना दिया। कार्यक्रम का समन्वय ट्रस्ट महासचिव चंपतराय के निर्देश पर रामशंकर उर्फ टिन्नू ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *