बरेली में गोल्ड इन्वेस्टमेंट के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तय मुनाफे और मासिक ब्याज का झांसा देकर शांति विहार कॉलोनी निवासी दुर्गेश सिंह ने 25 लोगों से नकद और कीमती सोने के जेवर हड़प लिए और फरार हो गया। पीड़ितों की शिकायत पर सुभाषनगर थाने में FIR दर्ज कर ली गई है, जबकि पुलिस को आशंका है कि ठगी की रकम और पीड़ितों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।
बरेली। शहर में गोल्ड इन्वेस्टमेंट के नाम पर चल रहे ठगी के खेल ने एक बार फिर लोगों को झकझोर कर रख दिया है। शांति विहार कॉलोनी निवासी दुर्गेश सिंह पर तय मुनाफा और हर माह ब्याज देने का लालच देकर करीब छह करोड़ रुपये मूल्य का सोना और नकद हड़पने का गंभीर आरोप लगा है। शनिवार को इस मामले में 25 पीड़ितों ने सुभाषनगर थाने में सामूहिक रूप से तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुनाफे की स्कीम, भरोसे का जाल
पीड़ितों के अनुसार आरोपी खुद को गोल्ड, प्रॉपर्टी और व्यापार में निवेश कराने वाला अनुभवी व्यक्ति बताता था। वह दावा करता था कि उसकी स्कीम पूरी तरह सुरक्षित है और निवेशकों को हर माह तय ब्याज मिलेगा। शुरुआत में आरोपी ने कुछ लोगों को मामूली लाभ देकर भरोसा जीता, जिससे उसका नेटवर्क तेजी से बढ़ता चला गया। आरोपी की मीठी बातों और बड़े-बड़े वादों में आकर लोग धीरे-धीरे उसकी स्कीम में शामिल होते चले गए। कई पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने अपने परिचितों और रिश्तेदारों के कहने पर निवेश किया था।
नकद नहीं तो जेवर, यही था ठगी का फार्मूला
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक आरोपी का ठगी का तरीका बेहद शातिर था। जिन लोगों के पास नकद रकम नहीं थी, उनसे वह सोने-चांदी के जेवर लेने लगा। उसने भरोसा दिलाया कि इन जेवरों को गिरवी रखकर वह बड़ा निवेश करेगा और उसी से हर महीने लाभ दिया जाएगा। इसी झांसे में आकर कई महिलाओं ने अपने कीमती कंगन, हार, चेन और अन्य गहने आरोपी को सौंप दिए। कुछ पीड़ितों ने नकद रकम भी दी। धीरे-धीरे आरोपी के पास बड़ी मात्रा में सोना और पैसा इकट्ठा हो गया।
ब्याज बंद हुआ, सच्चाई आई सामने
जब कई महीनों तक ब्याज की एक भी किस्त नहीं मिली, तब निवेशकों को शक हुआ। शुरुआत में आरोपी भुगतान में देरी का बहाना बनाता रहा। वह कभी बाजार में मंदी तो कभी लेन-देन में अड़चन का हवाला देता रहा। लेकिन जब पीड़ितों का दबाव बढ़ा, तो आरोपी का रवैया बदल गया। आरोप है कि उसने शिकायत करने पर पीड़ितों को धमकाना शुरू कर दिया और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। इसके बावजूद पीड़ितों ने हिम्मत जुटाई और सामूहिक रूप से पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
25 पीड़ित, रकम और बढ़ने की आशंका
पुलिस को दी गई तहरीर में 25 लोगों ने खुद को ठगी का शिकार बताया है। पीड़ितों का अनुमान है कि आरोपी करीब छह करोड़ रुपये से अधिक का सोना और नकद लेकर फरार हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह आंकड़ा अभी शुरुआती है और जांच के दौरान ठगी की रकम और पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है।
FIR दर्ज, आरोपी की तलाश तेज
सुभाषनगर पुलिस ने आरोपी दुर्गेश सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। आरोपी के बैंक खातों, कॉल डिटेल और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ितों को उनका नुकसान दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
ठगी का वही पुराना पैटर्न
पुलिस के अनुसार यह मामला निवेश और नेटवर्किंग के नाम पर होने वाली ठगी के उसी पुराने पैटर्न पर आधारित है, जिसमें तय मुनाफा, बिना पुख्ता दस्तावेज और कीमती सामान गिरवी रखने जैसी बातें शामिल होती हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी स्कीम में निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें और लालच में न आएं।