उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से सामने आए एक वायरल वीडियो ने एक बार फिर सार्वजनिक स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में एक व्यक्ति को कथित तौर पर तंदूर बनाते समय उस पर थूकते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक बार फिर खाने-पीने से जुड़ा एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक व्यक्ति को कथित तौर पर तंदूर बनाते समय उस पर थूकते हुए देखा जा रहा है। वीडियो के सामने आते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। यह वीडियो तेजी से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की।
पुलिस ने क्या बताया?
गाजियाबाद पुलिस के अनुसार, यह वीडियो 8 जनवरी को थाना मधुबन बापूधाम क्षेत्र की चौकी वर्धमान से जुड़ा बताया गया। वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान जावेद अंसारी के रूप में की गई है, जो एक दुकान पर तंदूर बनाने का काम करता था।पुलिस का कहना है कि वीडियो की प्राथमिक जांच में यह प्रतीत होता है कि आरोपी तंदूर बनाते समय उस पर थूक रहा था। इस आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया गया और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “वीडियो सामने आते ही तुरंत जांच की गई। प्रथम दृष्टया यह मामला सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा प्रतीत होता है, इसलिए आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।”
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश
वीडियो सामने आने के बाद इलाके में लोगों में नाराजगी देखी गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ घिनौनी हैं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ हैं। कई लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खाद्य पदार्थ बनाने और बेचने वालों की नियमित जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
‘थूक जिहाद’ शब्द पर विवाद
सोशल मीडिया पर कुछ यूज़र्स ने इस घटना को लेकर विवादास्पद शब्दों का इस्तेमाल किया है, हालांकि पुलिस और प्रशासन ने अपनी आधिकारिक कार्रवाई में किसी भी तरह की सांप्रदायिक या भावनात्मक भाषा से बचते हुए इसे खाद्य सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आपराधिक घटना को सांप्रदायिक रंग देना सामाजिक सौहार्द के लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसे मामलों में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई और जिम्मेदार रिपोर्टिंग बेहद जरूरी है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहला मामला नहीं है जब खाने-पीने की चीजों से जुड़ा ऐसा वीडियो सामने आया हो। इससे पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों से रोटी, फल या अन्य खाद्य पदार्थों के साथ छेड़छाड़ के आरोपों वाले वीडियो वायरल हो चुके हैं। हालांकि हर मामले में वीडियो की सत्यता और संदर्भ की जांच जरूरी होती है, लेकिन इस तरह की घटनाएं खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े करती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, खाने में किसी भी तरह की मिलावट या अस्वच्छ व्यवहार गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। लार के जरिए बैक्टीरिया और वायरस फैलने का खतरा होता है, जो फूड पॉयजनिंग, संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।
- विशेषज्ञों ने आम लोगों से अपील की है कि वे—
- साफ-सुथरी जगहों से ही भोजन करें
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्रशासन को दें
- सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर घबराने के बजाय तथ्यों की पुष्टि करें
प्रशासन की जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई
प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। साथ ही, संबंधित दुकान और आसपास के खाद्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की जा सकती है पुलिस का कहना है कि अगर जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जाएगा।
समाज और मीडिया की भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका बेहद अहम होती है। जहां एक ओर ऐसे वीडियो प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर करते हैं, वहीं दूसरी ओर बिना पुष्टि के फैलाया गया कंटेंट सामाजिक तनाव भी पैदा कर सकता है।
इसलिए जरूरत है जिम्मेदार रिपोर्टिंग और तथ्य-आधारित चर्चा की।
गाजियाबाद का यह मामला एक बार फिर यह याद दिलाता है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन साथ ही यह भी जरूरी है कि ऐसी घटनाओं को किसी भी तरह के भ्रामक या सांप्रदायिक नजरिए से न देखा जाए। कानून का काम है दोषी को सजा देना, और समाज का काम है संयम और समझदारी बनाए रखना।