बरेली। प्रेमनगर क्षेत्र के एक कैफे में जन्मदिन की पार्टी के दौरान हंगामा कर कानून व्यवस्था बिगाड़ने के मामले में पुलिस ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने बजरंग दल के दीपक पाठक, ऋषभ ठाकुर समेत 20–25 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रेमनगर के एक हॉस्टल में रहने वाली युवती प्राइवेट कॉलेज से बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा है। शनिवार को उसका जन्मदिन था, जिस पर उसने अपने दोस्तों को पार्टी दी थी। पार्टी में कुल 10 लोग शामिल थे, जिनमें छह लड़कियां और चार लड़के थे। चार लड़कों में से दो युवक शान और वाकिफ मुस्लिम समुदाय से हैं। सभी ने प्रेमनगर स्थित दि डेन कैफे एंड रेस्टो में पार्टी आयोजित की थी।
पार्टी में मुस्लिम लड़के होने से हुआ विवाद
किसी ने हिंदू युवती के साथ मुस्लिम युवकों की मौजूदगी की सूचना हिंदू संगठनों को दे दी। इसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और बिना किसी जांच-पड़ताल के लव जिहाद का आरोप लगाते हुए कैफे के बाहर जमकर हंगामा किया। आरोप है कि कार्यकर्ता बाद में कैफे के अंदर घुस गए और नारेबाजी करते हुए माहौल खराब कर दिया। सूचना पर पहुंची प्रेमनगर पुलिस ने हालात संभाले और युवती समेत अन्य लोगों को थाने ले आई।
तीन युवकों का पुलिस की ने किया था चालान
विवाद के बाद एक मुस्लिम युवक वाकिफ मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे मुस्लिम युवक शान को पुलिस ने हिरासत में लिया। शुरुआत में पुलिस शान और कैफे के स्टाफ शैलेंद्र गंगवार का शांति भंग में चालान करने की तैयारी कर रही थी। मामले की जानकारी जब सीओ प्रथम आशुतोष शिवम को हुई तो उन्होंने फरार युवक को न पकड़े जाने पर नाराजगी जताई और इंस्पेक्टर को फटकार लगाई। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर फरार युवक वाकिफ को भी तलाश कर लिया। बाद में दोनों मुस्लिम युवक और कैफे के एक स्टाफ समेत तीन लोगों का शांति भंग में चालान किया गया।
आरोपियों पर मुकदमा, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस जांच में साफ हुआ कि युवती बालिग है और अपनी मर्जी से दोस्तों के साथ पार्टी में शामिल थी। युवती की बुआ और अन्य स्वजनों को भी थाने बुलाकर बयान दर्ज किए गए। इसके बाद पुलिस ने हंगामा करने वाले बजरंग दल कार्यकर्ताओं की भूमिका को गंभीर मानते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने साफ कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे किसी भी संगठन से जुड़े हों। मामले की जांच जारी है और वीडियो फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।