Social Sharing icon

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सियासी पारा उस वक्त और चढ़ गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेन्नई में प्रस्तावित रोडशो अचानक रद्द कर दिया गया। पार्टी के भीतर उम्मीदवारों की सूची को लेकर मचे असमंजस ने चुनावी रणनीति को झटका दिया, लेकिन मोदी अब पुडुचेरी में एनडीए के लिए पूरी ताकत झोंकते नजर आएंगे। यह बदलाव सिर्फ कार्यक्रम में नहीं, बल्कि दक्षिण भारत की राजनीति में बड़े संकेत दे रहा है।

चेन्नई में ब्रेक, पुडुचेरी में पावर शो

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेन्नई दौरा अचानक सुर्खियों में आ गया, लेकिन वजह उनकी मौजूदगी नहीं बल्कि उनका रोडशो रद्द होना है। चेन्नई के टी नगर में प्रस्तावित यह रोडशो पार्टी के लिए शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा था। हालांकि अंतिम समय में इसे रद्द कर दिया गया। इसके बावजूद पीएम मोदी चेन्नई पहुंचेंगे, लेकिन अब उनका मुख्य फोकस पुडुचेरी में एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करना रहेगा। इस बदलाव ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है और विपक्ष को भी हमलावर होने का मौका मिल गया है।

उम्मीदवारों की लिस्ट ने बिगाड़ा सियासी गणित

बीजेपी के भीतर उम्मीदवारों की सूची को लेकर चल रही खींचतान इस फैसले की बड़ी वजह बताई जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कई सीटों पर नाम तय नहीं हो पाए थे, जिससे संगठन में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। खासकर चेन्नई की छह सीटों पर तीन-तीन दावेदारों के नाम सामने आने से स्थिति और जटिल हो गई। इसी असमंजस के चलते पीएम मोदी का रोडशो रद्द करने का निर्णय लिया गया। यह संकेत भी है कि पार्टी पहले अंदरूनी स्थिति को मजबूत करना चाहती है, ताकि मैदान में उतरने से पहले कोई कमजोरी न रह जाए।

बंद कमरे की रणनीति, बड़े फैसलों की तैयारी

पीएम मोदी के दौरे का एक अहम हिस्सा अब चेन्नई में होने वाली क्लोज-डोर मीटिंग बन गई है। इस बैठक में राज्य के वरिष्ठ बीजेपी नेताओं, जिला सचिवों और संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ रणनीतिक चर्चा होगी। माना जा रहा है कि इसी बैठक में उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा और चुनावी रणनीति तय होगी। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे, जो तमिलनाडु चुनाव के प्रभारी हैं। यह बैठक बीजेपी के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

पुडुचेरी में मोदी का मेगा कैंपेन

चेन्नई में रोडशो रद्द होने के बाद पीएम मोदी अब पुडुचेरी में अपना पूरा फोकस लगाएंगे। यहां वह एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में रोडशो और जनसभाएं करेंगे। पुडुचेरी का चुनावी महत्व भी कम नहीं है, क्योंकि यह क्षेत्र दक्षिण भारत की राजनीति में एक अहम भूमिका निभाता है। मोदी का यहां प्रचार करना यह दर्शाता है कि बीजेपी और एनडीए गठबंधन इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।

सीट शेयरिंग और बीजेपी की सियासी चुनौती

तमिलनाडु में बीजेपी, एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ चुनाव लड़ रही है। सीट बंटवारे में बीजेपी को 27 सीटें मिली हैं, जिनमें चेन्नई की छह सीटें शामिल हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था और चार सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार पार्टी अपनी स्थिति को बेहतर बनाने की कोशिश में है। पिछले लोकसभा चुनाव में 11 फीसदी वोट शेयर मिलने के बाद बीजेपी को उम्मीद है कि इस बार प्रदर्शन और बेहतर होगा।

चुनावी तारीख और बढ़ती सियासी गर्मी

तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होना है। जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं। पीएम मोदी के कार्यक्रम में बदलाव ने इस चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बीजेपी अपनी रणनीति को कितनी मजबूती से लागू कर पाती है और क्या यह बदलाव उसे चुनावी फायदा दिला पाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *