पंजाब की राजनीति में उस वक्त बड़ा सियासी तूफान खड़ा हो गया जब पूर्व विधायक और नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा और तीखा हमला बोल दिया। उन्होंने न सिर्फ राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए, बल्कि उन्हें ‘पप्पू’ कहकर संबोधित किया। बीजेपी की कार्यप्रणाली की खुलकर तारीफ और कांग्रेस नेतृत्व पर गंभीर आरोपों के बाद पार्टी ने भी कड़ा कदम उठाते हुए उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला दी है।
सोशल मीडिया पर सियासी धमाका
चंडीगढ़ से आई इस बड़ी राजनीतिक खबर ने पूरे देश की राजनीति को झकझोर कर रख दिया है। नवजोत कौर सिद्धू ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लगातार कई पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए। उनके बयान सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई और पार्टी के अंदर भी बेचैनी बढ़ गई।
बीजेपी की कार्यप्रणाली की खुलकर तारीफ
नवजोत कौर ने बीजेपी की तारीफ करते हुए लिखा कि वर्ष 2012 में उन्हें विधायक का टिकट बीजेपी ने उनके टैलेंट और निष्पक्ष सर्वे के आधार पर दिया था। उन्होंने दावा किया कि सर्वे किसी भी प्रकार के प्रभाव से मुक्त थे। उन्होंने कहा कि डॉक्टर होने के नाते जब वह अस्पताल में सेवाएं दे रही थीं, तब उन्हें CPS हेल्थ बनाया गया और उन्हें ईमानदारी व सच्चाई से काम करने की पूरी स्वतंत्रता दी गई। उनके अनुसार, वह किसी भी विभाग में जाकर उसी दिन काम करवा सकती थीं और बिना किसी दबाव के फैसले ले सकती थीं।
राहुल गांधी पर सीधा और तीखा हमला
इसके बाद उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए लिखा कि उनके पास जमीनी हकीकत सुनने का न समय है और न ही इच्छा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी बनाई दुनिया में रहते हैं और वास्तविक परिस्थितियों से कटे हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मेहनत से पढ़ाई करके आगे बढ़ने वाले लोगों के पास उनके लिए समय है? उन्होंने कहा कि उनका समय और ऊर्जा सिर्फ पंजाब के लोगों के लिए है और वह बिना राजनीति के भी जनता की सेवा कर सकती हैं।
पप्पू’ बयान से बढ़ा विवाद
सबसे ज्यादा विवाद तब खड़ा हुआ जब नवजोत कौर ने राहुल गांधी को ‘पप्पू’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने लिखा, “पप्पू ने आखिरकार अपने नाम पर मुहर लगा दी।” उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के आसपास का आंतरिक सर्कल उन्हें सच्चाई से दूर रखता है। टिकट वितरण से पहले ही सौदेबाजी होने का भी संकेत दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति पर प्रतिक्रिया देने में महीनों लग जाते हैं, जिससे नुकसान होना तय है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि राहुल गांधी में हिम्मत है तो वह अपने समर्थकों से कहें कि वे मौजूदा सरकार के खिलाफ खुलकर बोलें और अपनी फाइलें खुलवाने के लिए तैयार रहें।
कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप
नवजोत कौर ने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि पार्टी में ईमानदार और मेहनती लोगों की कद्र नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि भ्रष्ट नेताओं को सम्मान दिया जाता है, जबकि सच्चाई से काम करने वालों को दरकिनार कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी की बातें करना बेकार है, जब संगठन में गलत लोगों को संरक्षण दिया जाता है।
कांग्रेस का कड़ा एक्शन
नवजोत कौर के इन बयानों के बाद कांग्रेस ने तुरंत सख्त रुख अपनाया। पार्टी के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अमृतसर में मीडिया से बातचीत के दौरान पुष्टि की कि नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से औपचारिक रूप से निष्कासित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि नवजोत कौर पहले से ही निलंबित थीं, लेकिन पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते अब उन्हें पूरी तरह बाहर कर दिया गया है। भूपेश बघेल ने साफ कहा कि कांग्रेस में अनुशासन सर्वोपरि है और पार्टी लाइन के खिलाफ जाने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पंजाब की राजनीति में नई हलचल
इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में बड़े राजनीतिक बदलावों का संकेत हो सकता है।हालांकि नवजोत सिंह सिद्धू की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है।