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बरेली और सहारनपुर के बीच फैले टपरी डिस्टलरी कांड में अब प्रशासन ने ऐसा आर्थिक वार किया है, जिसने शराब माफिया के पूरे नेटवर्क की नींव हिला दी है। 48.5 करोड़ की संपत्तियों की कुर्की सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश है—अब अवैध कमाई का हर रास्ता बंद होगा।

48.5 करोड़ का वार’: प्रशासन का सबसे बड़ा आर्थिक एक्शन

टपरी डिस्टलरी टैक्स चोरी कांड में प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब कारोबारी मनोज जायसवाल और उसके भाई नीरज जायसवाल की करीब 48.5 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क कर लिया। यह कार्रवाई सहारनपुर के जिलाधिकारी के आदेश पर की गई, जिसने पूरे सिस्टम में हलचल मचा दी है।
यह सिर्फ संपत्ति जब्ती नहीं, बल्कि एक संगठित आर्थिक अपराध के खिलाफ सीधा हमला माना जा रहा है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब अपराधियों को जेल ही नहीं, उनकी अवैध कमाई भी छीनी जाएगी।

छापेमारी में खुला काला साम्राज्य, चार बड़ी संपत्तियां जब्त

बरेली में प्रशासनिक टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी करते हुए चार प्रमुख संपत्तियों को कुर्क किया। इनमें हरूनगला की कृषि भूमि, पीलीभीत बाईपास का विशाल कमर्शियल प्लॉट और अन्य आवासीय भूखंड शामिल हैं।
सबसे बड़ा झटका 46.10 करोड़ रुपये के 3932.45 वर्गमीटर के व्यावसायिक प्लॉट पर लगा। इसके अलावा 1.80 करोड़ की कृषि भूमि और दो छोटे प्लॉट भी जब्त किए गए। यहां तक कि स्कूटी और बाइक तक को कुर्की सूची में शामिल किया गया, जो इस कार्रवाई की व्यापकता को दर्शाता है।

‘27 पर गैंगस्टर’: दिल्ली तक फैले सिंडिकेट का खुलासा

इस पूरे मामले में पुलिस ने 27 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि यह कोई सामान्य टैक्स चोरी नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क था, जिसका सरगना दक्षिण दिल्ली निवासी प्रणय अनेजा है।
इस गिरोह में फैक्ट्री मैनेजमेंट से जुड़े लोग, केमिस्ट, ट्रांसपोर्टर और यहां तक कि आबकारी विभाग के कुछ अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। इससे साफ है कि यह नेटवर्क कई स्तरों पर फैला हुआ था और लंबे समय से राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहा था।

डिस्टलरी से शुरू हुआ खेल, करोड़ों की टैक्स चोरी का भंडाफोड़

सहारनपुर के टपरी स्थित शराब फैक्ट्री में जब टैक्स चोरी का मामला सामने आया, तब जांच एजेंसियों ने पूरे सिंडिकेट की परतें खोलनी शुरू कीं। जांच में यह तथ्य सामने आया कि कंपनी और उससे जुड़े लोग वर्षों से टैक्स चोरी कर रहे थे और सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान पहुंचा रहे थे। इस खुलासे के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए संपत्ति कुर्क करने के आदेश दिए।

अगला निशाना तय: अजय जायसवाल पर भी गिरेगी गाज

सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन की कार्रवाई यहीं थमने वाली नहीं है। इस गैंग से जुड़े अजय जायसवाल की संपत्तियों पर भी जल्द कुर्की की कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली गई है। भमोरा निवासी अजय इस समय इज्जतनगर क्षेत्र में रह रहा है और उसके खिलाफ पहले से तीन मुकदमे दर्ज हैं। प्रशासन के आदेश में उसका नाम शामिल होना इस बात का संकेत है कि अब पूरा नेटवर्क एक-एक कर निशाने पर आएगा।

अफसरों की मौजूदगी में कार्रवाई, माफियाओं को सख्त संदेश

इस पूरी कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार विदित कुमार, इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय और इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह समेत भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन ने यह साफ संदेश दिया है कि अब अवैध कारोबार करने वालों पर सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि आर्थिक प्रहार भी किया जाएगा। इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि सरकार अब माफिया नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार है और आने वाले दिनों में ऐसे और बड़े एक्शन देखने को मिल सकते हैं।

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