नए साल पर वृंदावन जाने की योजना बना रहे हैं? पहले पढ़ लें प्रशासन की यह खास एडवाइजरी
मथुरा : नया साल आते ही देशभर से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक धार्मिक स्थलों की ओर रुख करते हैं। उत्तर प्रदेश का वृंदावन, जहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की गूंज हर गली में सुनाई देती है, नए साल पर आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन जाता है। खासतौर पर ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए हर साल भारी भीड़ उमड़ती है। इसी भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मथुरा पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने इस बार सख्त ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी के तहत वृंदावन में बाहरी वाहनों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
25 दिसंबर से 2 जनवरी तक बाहरी वाहनों की एंट्री बैन
पुलिस द्वारा जारी नई एडवाइजरी के अनुसार, 25 दिसंबर से 2 जनवरी 2026 तक वृंदावन नगर क्षेत्र में बाहरी जिलों और राज्यों से आने वाले चार-पहिया वाहन और भारी/कमर्शियल वाहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। दिल्ली, एनसीआर और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालु अब अपने वाहन लेकर सीधे वृंदावन में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यह फैसला खासतौर पर नए साल के मौके पर संभावित ट्रैफिक जाम और हादसों को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
क्यों जरूरी हुआ इतना सख्त फैसला?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नए साल पर वृंदावन में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। संकरी गलियों, सीमित सड़कों और भारी भीड़ के कारण अक्सर स्थिति बेकाबू हो जाती है। पुलिस ने साफ कहा है कि शहर में जाम, भगदड़ और दुर्घटनाओं से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। पिछले वर्षों में कई बार ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था की शिकायतें सामने आई थीं, जिन्हें देखते हुए इस बार पहले से ही पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
शहर के बाहर बने बड़े पार्किंग स्थल
बाहरी वाहनों पर रोक के बाद प्रशासन ने शहर के बाहरी इलाकों में विशेष पार्किंग की व्यवस्था की है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
- पुलिस के अनुसार:
- यमुना एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन
- पानीगांव लिंक रोड स्थित दारुक पार्किंग
- पर्यटन सुविधा केंद्र में वाहन खड़े कर सकेंगे
- छटीकरा मार्ग से आने वाले वाहन
- वैष्णो देवी मंदिर के पास अस्थायी पार्किंग
- ITI कॉलेज, पागल बाबा मंदिर और अन्य निर्धारित स्थल
- इन पार्किंग स्थलों से श्रद्धालु ई-रिक्शा या पैदल मंदिरों तक पहुंच सकेंगे।
- ई-रिक्शा पर भी लग सकती है पाबंदी
पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि भीड़ अधिक होने की स्थिति में कुछ खास दिनों पर ई-रिक्शा संचालन पर अतिरिक्त पाबंदी लगाई जा सकती है। ऐसे में श्रद्धालुओं को पैदल ही दर्शन के लिए जाना पड़ सकता है। प्रशासन का मानना है कि इससे संकरी गलियों में भीड़ नियंत्रित रहेगी और आपात स्थिति से बचा जा सकेगा।
भारी और कमर्शियल वाहनों के लिए डायवर्जन प्लान
- वृंदावन में भारी और कमर्शियल वाहनों को लेकर भी अलग से डायवर्जन प्लान लागू किया गया है।
- छटीकरा से वृंदावन की ओर सभी कमर्शियल वाहनों की एंट्री पूरी तरह बैन
- स्थानीय निवासियों को आईडी दिखाने पर सीमित छूट
- एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य इमरजेंसी वाहनों को पूरी छूट
- पुलिस का कहना है कि इमरजेंसी सेवाओं को किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होने दिया जाएगा।
श्रद्धालुओं से पुलिस की अपील
- मथुरा पुलिस और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे:
- निजी वाहनों से सीधे वृंदावन में प्रवेश करने की कोशिश न करें
- तय पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें
- पैदल या ई-रिक्शा से यात्रा करते समय धैर्य बनाए रखें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
- प्रशासन का कहना है कि सहयोग से ही नए साल पर वृंदावन में सुरक्षित और सुगम दर्शन संभव हैं।
नए साल पर आस्था और व्यवस्था का संतुलन
नया साल जहां लोगों के लिए उत्सव और उल्लास का समय होता है, वहीं वृंदावन जैसे धार्मिक शहरों के लिए यह प्रबंधन की सबसे बड़ी चुनौती भी बन जाता है। प्रशासन की यह सख्ती इस बात का संकेत है कि इस बार सुरक्षा और व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। श्रद्धालुओं की आस्था बनी रहे और दर्शन सुरक्षित हों — इसी उद्देश्य से यह एडवाइजरी जारी की गई है।
अगर आप नए साल पर वृंदावन जाने की योजना बना रहे हैं, तो यह जरूरी है कि इस ट्रैफिक एडवाइजरी को गंभीरता से लें। थोड़ी सी लापरवाही आपकी यात्रा को मुश्किल में डाल सकती है। सही योजना, प्रशासन का सहयोग और धैर्य — यही नए साल पर बांके बिहारी के सुगम और सुरक्षित दर्शन की कुंजी है।