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जन शिकायतों के निस्तारण में बरेली परिक्षेत्र ने नया इतिहास रच दिया है। जनसुनवाई समाधान प्रणाली (IGRS) की जनवरी 2026 की रैंकिंग में बरेली रेंज ने पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर प्रदेश का सिरमौर बनने का गौरव प्राप्त किया है। डीआईजी अजय कुमार साहनी के नेतृत्व में बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के थानों ने जिस तेजी, गुणवत्ता और सख्ती से शिकायतों का समाधान किया, उसने पुलिसिंग के नए मानक स्थापित कर दिए हैं।

उत्तर प्रदेश में जन शिकायतों के निस्तारण की तस्वीर बदलती नजर आ रही है और इसकी सबसे बड़ी मिसाल बनी है बरेली रेंज। जनसुनवाई समाधान प्रणाली (IGRS) की जनवरी 2026 की रैंकिंग में बरेली परिक्षेत्र ने प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति, सख्त निगरानी और जवाबदेही तय हो, तो शिकायतों का समाधान न केवल संभव है, बल्कि तेज और प्रभावी भी हो सकता है। डीआईजी अजय कुमार साहनी के नेतृत्व में बरेली रेंज ने ऐसा दमदार प्रदर्शन किया कि प्रदेश के अन्य परिक्षेत्र पीछे छूट गए। इस उपलब्धि में बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर—चारों जिलों ने मिलकर बाजी मारी और सामूहिक रूप से प्रदेश में नंबर-1 का तमगा हासिल किया।

चार जिलों की एकजुटता ने दिलाया शीर्ष स्थान

बरेली रेंज की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे चारों जिलों की मजबूत टीमवर्क और सख्त मॉनिटरिंग रही। शिकायतों के निस्तारण में न तो देरी की गई और न ही गुणवत्ता से समझौता किया गया। इन चारों जिलों ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि अब IGRS केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता को समयबद्ध न्याय दिलाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। शिकायत दर्ज होने से लेकर अंतिम समाधान तक हर स्तर पर निगरानी रखी गई।

88 थानों का दमदार प्रदर्शन, बना रिकॉर्ड

बरेली रेंज के अंतर्गत आने वाले कुल 88 थानों ने संयुक्त रूप से ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने प्रदेश में नया रिकॉर्ड बना दिया।

  • बरेली जनपद के 28 थाना
  • बदायूं के 20 थाना
  • पीलीभीत के 17 थाना
  • शाहजहांपुर के 23 थाना

इन सभी थानों ने शिकायतों के निस्तारण में प्रदेश में टॉप रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब किसी एक परिक्षेत्र के इतने अधिक थानों ने एक साथ शीर्ष प्रदर्शन किया हो।

शहर से देहात तक हर थाने ने दिखाई सख्ती

बरेली जनपद के थानों ने खास तौर पर उल्लेखनीय भूमिका निभाई।
कोतवाली, महिला थाना, सुभाषनगर, इज्जतनगर, भोजीपुरा, नवाबगंज, आंवला, भमोरा, शीशगढ़, प्रेमनगर, बिथरीचैनपुर, कैंट और मीरगंज जैसे थानों ने यह साबित कर दिया कि अब शिकायतें फाइलों में दबेंगी नहीं। शहर हो या देहात, हर थाना शिकायतकर्ता को सुनने और समाधान देने के लिए पूरी तरह सक्रिय नजर आया। इससे आम जनता में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ा है।

बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर ने भी नहीं छोड़ी कसर

बरेली के साथ-साथ बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के थानों ने भी कदम से कदम मिलाकर शानदार प्रदर्शन किया। इन जिलों में भी शिकायतों के निस्तारण में समयबद्धता और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। चारों जिलों की संयुक्त मेहनत का नतीजा यह रहा कि बरेली रेंज ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया और बाकी परिक्षेत्रों के लिए एक मिसाल बन गई।

डीआईजी साहनी की सख्त मॉनिटरिंग का असर

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस उपलब्धि के पीछे डीआईजी अजय कुमार साहनी की सख्त मॉनिटरिंग और स्पष्ट निर्देशों की बड़ी भूमिका रही है। हर शिकायत की नियमित समीक्षा, लंबित मामलों पर तुरंत कार्रवाई और लापरवाही पर जवाबदेही तय करने से थानों में कार्यसंस्कृति बदली है। डीआईजी स्तर से लगातार यह संदेश दिया गया कि IGRS में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को मिलेगा सम्मान

IGRS में शानदार कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित करने की भी तैयारी है।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले—

  • उपनिरीक्षक शालू
  • कंप्यूटर ऑपरेटर अमरेन्द्र कुमार
  • आरक्षी सलिल सक्सेना


को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इससे अन्य कर्मियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी।

कमजोर प्रदर्शन वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

जहां एक ओर उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मान मिलेगा, वहीं दूसरी ओर जिन थानों या कर्मियों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है, उनकी कड़ी समीक्षा की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई से भी परहेज नहीं किया जाएगा। यह संदेश साफ है कि IGRS में अब ढिलाई की कोई जगह नहीं है।

जनता के लिए बड़ा संदेश

बरेली रेंज की इस उपलब्धि का सबसे बड़ा लाभ आम जनता को मिला है। अब लोगों को यह भरोसा होने लगा है कि यदि वे IGRS पर शिकायत दर्ज कराते हैं, तो उसे गंभीरता से सुना जाएगा और समय पर समाधान भी मिलेगा।

प्रदेश के लिए मॉडल बनता बरेली रेंज

IGRS में बरेली रेंज का यह प्रदर्शन अब प्रदेश के अन्य परिक्षेत्रों के लिए मॉडल बन चुका है। आने वाले महीनों में अन्य जिले भी इसी तरह सख्ती और जवाबदेही के साथ काम करें, तो उत्तर प्रदेश में जन शिकायतों के निस्तारण की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। फिलहाल, बरेली रेंज की यह उपलब्धि न केवल पुलिस विभाग के लिए गर्व की बात है, बल्कि आम जनता के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है—कि अब शिकायतें सिर्फ दर्ज नहीं होंगी, बल्कि उनका समाधान भी होगा।

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