उत्तर प्रदेश के बरेली जिले ने विकास की नई इबारत लिखते हुए प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार-2025 की दौड़ में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। देशभर के 513 जिलों में से चयनित टॉप-40 जिलों की सूची में बरेली ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। यह सफलता बुनियादी सुविधाओं, सामाजिक कल्याण योजनाओं और जमीनी स्तर पर प्रभावी प्रशासनिक कार्यों का नतीजा मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार-2025 की समग्र जिला विकास श्रेणी में बरेली जिले का टॉप-40 में चयन होना न केवल जिले बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गया है। यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर के जिले विकास, सुशासन और जनकल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दौड़ में शामिल हैं। देश के 513 जिलों से प्राप्त आवेदनों में से केवल 40 जिलों को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की स्क्रीनिंग प्रक्रिया में आगे बढ़ने का मौका मिला है। उत्तर प्रदेश से बरेली के साथ-साथ हमीरपुर, हाथरस और संभल को भी इस सूची में जगह मिली है। लेकिन बरेली का प्रदर्शन कई मायनों में अलग और प्रभावशाली रहा है।
समग्र विकास बना बरेली की पहचान
बरेली जिले को यह सफलता किसी एक योजना या आंकड़ों के खेल से नहीं मिली है। बल्कि यह उपलब्धि हर घर जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण और शहरी), आयुष्मान भारत, मिशन इंद्रधनुष, पीएम स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा, सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 जैसी कुल 11 प्रमुख केंद्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि सरकारी योजनाएं केवल फाइलों और रिपोर्टों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे।
पेयजल से स्वास्थ्य तक मजबूत व्यवस्था
हर घर जल योजना के तहत बरेली में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता को प्राथमिकता दी गई। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइन नेटवर्क, जल गुणवत्ता की जांच और निरंतर आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया गया। वहीं आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत हजारों जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिला, जिससे गरीब वर्ग को बड़ी राहत मिली है।
आवास, रोजगार और आत्मनिर्भरता पर फोकस
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को समय पर आवास उपलब्ध कराए गए। पीएम स्वनिधि योजना ने छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को दोबारा खड़ा होने का मौका दिया। पीएम विश्वकर्मा योजना के जरिए पारंपरिक कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण, टूलकिट और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिला।
महिला और बाल कल्याण में संतुलित प्रगति
सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 योजना के तहत बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार पर विशेष काम किया गया। मिशन इंद्रधनुष के माध्यम से टीकाकरण कवरेज को लगभग शत-प्रतिशत तक पहुंचाया गया।
ऊर्जा, पर्यटन और नवाचार
बरेली जिले ने ऊर्जा क्षेत्र में भी संतुलित विकास दिखाया है। बिजली आपूर्ति, स्ट्रीट लाइटिंग और सौर ऊर्जा जैसे नवाचारों ने जिले की रैंकिंग को मजबूत किया। साथ ही रोजगारोन्मुख पर्यटन योजनाओं के माध्यम से स्थानीय संस्कृति और विरासत को बढ़ावा मिला, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिली।
अब निर्णायक चरण की तैयारी
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि बरेली अब प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार-2025 के अगले और निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से स्क्रीनिंग कमेटी के सामने जिले की प्रस्तुति दी जाएगी।
प्रस्तुति के लिए कुल 15 मिनट का समय निर्धारित है—
- 10 मिनट का पावर-पॉइंट प्रेजेंटेशन
- 5 मिनट का प्रश्न-उत्तर सत्र
इस दौरान गवर्नेंस मॉडल, क्वांटिटेटिव और क्वालिटेटिव पैरामीटर, तकनीकी नवाचार और जमीनी स्तर पर हुए बदलावों को विस्तार से प्रस्तुत किया जाएगा।
डीएम का बयान
डीएम अविनाश सिंह ने कहा- हमने योजनाओं को सिर्फ लक्ष्य पूर्ति तक सीमित नहीं रखा, बल्कि यह सुनिश्चित किया कि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचे। बरेली की यह उपलब्धि पूरी टीम और जिले की जनता की सहभागिता का परिणाम है।
बरेली बना विकास का मॉडल
प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार-2025 की यह दौड़ बरेली के लिए सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उसकी विकास यात्रा की पहचान बन चुकी है। यदि बरेली फाइनल चरण में भी सफलता हासिल करता है, तो यह जिला देशभर के लिए सुशासन और समग्र विकास का मॉडल बन सकता है।