बरेली। शहर में बीमारियों का खतरा अब और गहरा गया है। डायरिया, डिहाइड्रेशन और मलेरिया के बीच डेंगू की एंट्री ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। दो मरीजों की ELISA जांच पॉजिटिव आने के बाद पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। हालात को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में टीमें तैनात कर दी गई हैं और घर-घर सर्वे शुरू कर दिया गया है।
जेल से लेकर मोहल्ले तक पहुंचा डेंगू
पहला मामला सेंट्रल जेल में बंद 58 वर्षीय कैदी का सामने आया, जो कई दिनों से बुखार से जूझ रहा था। जिला अस्पताल में जांच के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई। दूसरा मामला रामनगर के कल्याणपुर की 21 वर्षीय युवती का है, जिसे तेज बुखार के बाद जांच में डेंगू पॉजिटिव पाया गया। दोनों मरीजों का इलाज जारी है और फिलहाल हालत स्थिर बताई जा रही है।
हरकत में स्वास्थ्य विभाग, तेज हुआ सर्वे और स्प्रे
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के निर्देश पर प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। घर-घर जाकर सर्वे, लार्वा खोज अभियान और दवा छिड़काव तेज कर दिया गया है, ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके।
मलेरिया भी बढ़ा रहा चिंता, कई इलाके हाई रिस्क
जनवरी से अब तक जिले में मलेरिया के 9 मरीज मिल चुके हैं। मझगवां, भमोरा, मीरगंज, रामनगर, शेरगढ़ और फतेहगंज पश्चिमी को संवेदनशील जोन घोषित कर विशेष निगरानी की जा रही है। इन क्षेत्रों में इनडोर स्प्रेइंग और नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा है।
आंकड़ों में राहत, लेकिन खतरा टला नहीं
पिछले वर्षों में मौत के मामले शून्य रहने से कुछ राहत जरूर है, लेकिन संक्रमण का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि लापरवाही भारी पड़ सकती है।
सावधानी ही बचाव
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, साफ-सफाई रखें और बुखार, सिरदर्द या कमजोरी होने पर तुरंत जांच कराएं।