उत्तर प्रदेश के आगरा में गुरुवार को पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। हत्या के एक मामले में गिरफ्तार आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी ने तमंचे की बरामदगी के दौरान पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। इस एनकाउंटर में एक पुलिस आरक्षी गोली लगने से घायल हुआ है, जबकि दो अन्य पुलिस अधिकारी बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण गंभीर चोट से बच गए।
आगरा में पुलिस एनकाउंटर, हत्या का आरोपी अरबाज खान ढेर, कांस्टेबल घायल
उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद में गुरुवार को एक बड़े पुलिस एनकाउंटर में हत्या के मुख्य आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी को पुलिस ने ढेर कर दिया। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब आरोपी को घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचे की बरामदगी के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मी का सरकारी हथियार छीन लिया और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस सनसनीखेज घटना में आरक्षी मनोज कुमार गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, दो थाना प्रभारियों की जान बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बच गई।
23 जनवरी की हत्या से जुड़ा है पूरा मामला
दरअसल, बीते 23 जनवरी 2026 की रात थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में राज चौहान नामक युवक की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई थी। हत्या की गंभीरता को देखते हुए थाना ट्रांस यमुना में मुकदमा दर्ज किया गया। घटना के सफल और शीघ्र अनावरण के लिए पुलिस उपायुक्त नगर सैय्यद अली अब्बास के नेतृत्व में कुल 09 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। लगातार दबिश और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी अरबाज खान को गिरफ्तार कर लिया।
तमंचा बरामदगी के दौरान बदला हालात, आरोपी ने की फायरिंग
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को उसके द्वारा प्रयोग किए गए अवैध तमंचे की बरामदगी के लिए लेकर गई। इसी दौरान 29 जनवरी 2026 को टेड़ी बगिया क्षेत्र स्थित कांशीराम आवास के पास अचानक हालात बदल गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी अरबाज खान ने मौके का फायदा उठाते हुए उपनिरीक्षक की सरकारी पिस्टल छीन ली और पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस फायरिंग से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
आरक्षी घायल, दो थाना प्रभारी बुलेटप्रूफ जैकेट से बचे
आरोपी की ओर से की गई फायरिंग में आरक्षी मनोज कुमार को गोली लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा थाना ट्रांस यमुना के प्रभारी हरेन्द्र गुर्जर और थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक भानु प्रताप यादव के बुलेटप्रूफ जैकेट पर एक-एक गोली लगी। बुलेटप्रूफ जैकेट होने के कारण दोनों अधिकारियों की जान बच गई, अन्यथा स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में ढेर हुआ आरोपी
पुलिस पार्टी ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी अरबाज खान को दो गोलियां लगीं—एक गोली उसकी छाती के बाईं ओर और दूसरी दाहिने पैर में लगी। गोली लगते ही आरोपी जमीन पर गिर पड़ा। उसे तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल आगरा ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद आरोपी अरबाज खान को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल आरक्षी मनोज कुमार का इलाज जिला अस्पताल आगरा में चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ पूरी तरह से आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई थी और पूरे घटनाक्रम की जांच नियमानुसार कराई जा रही है।
पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है आरोपी का
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुठभेड़ में मारा गया आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी, निवासी खंदौली, आगरा, का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। वह कई आपराधिक मामलों में संलिप्त बताया जा रहा था और पुलिस की निगरानी में था।
एनकाउंटर में शामिल पुलिस टीम
इस पूरे ऑपरेशन में निम्न पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे:
- निरीक्षक भानु प्रताप यादव – थाना प्रभारी कोतवाली, कमिश्नरेट आगरा
- उपनिरीक्षक हरेन्द्र गुर्जर – थाना प्रभारी ट्रांस यमुना
- उपनिरीक्षक अंकित मलिक – थाना प्रभारी छत्ता
- उपनिरीक्षक फारूख – थाना प्रभारी सदर
- उपनिरीक्षक ऋषि – थाना ट्रांस यमुना
- कांस्टेबल मनोज कुमार एवं अन्य पुलिसकर्मी
इलाके में शांति, पुलिस सतर्क
एनकाउंटर के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।