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मथुरा की धरती पर एक हादसे ने अचानक ऐसा तूफान खड़ा कर दिया, जिसने सड़क से लेकर सिस्टम तक को हिला दिया। फरसा वाले बाबा की मौत ने सिर्फ एक जान नहीं ली, बल्कि सवालों का ऐसा जाल बुन दिया जिसमें सच और शक आमने-सामने खड़े हैं। क्या यह महज हादसा था या किसी बड़ी साजिश की आहट? इसी सवाल के बीच हाईवे जंग का मैदान बन गया।

पीछे से आया ट्रक… और खत्म हो गई एक पहचान

मथुरा में गौ-रक्षक बाबा चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की मौत ने पूरे ब्रज क्षेत्र को झकझोर दिया। घटना दिल्ली-आगरा हाईवे (NH-19) की है, जहां बताया जा रहा है कि बाबा एक संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश कर रहे थे। तभी घने कोहरे के बीच पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। कुछ ही मिनटों में यह खबर आग की तरह फैल गई और इलाके में सनसनी फैल गई।

हत्या या हादसा? पुलिस और भीड़ आमने-सामने

घटना के तुरंत बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा—क्या यह महज एक्सीडेंट था या सुनियोजित हत्या? पुलिस का साफ कहना है कि यह हादसा है, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों और बाबा के समर्थकों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उनका आरोप है कि बाबा को जानबूझकर कुचलकर मारा गया है। यही आरोप धीरे-धीरे आक्रोश में बदल गया और देखते ही देखते मामला संवेदनशील हो गया।

हाईवे बना रणक्षेत्र… पत्थरों की बरसात, पुलिस घायल

बाबा की मौत की खबर मिलते ही सैकड़ों लोग दिल्ली-आगरा हाईवे पर जुट गए। गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दी, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालात तब और बिगड़ गए जब भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पत्थरों की बारिश में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। हालात काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी को तैनात करना पड़ा।

SSP का बयान—‘यह हत्या नहीं, हादसा है’

मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने साफ कहा कि शुरुआती जांच में यह सड़क हादसा प्रतीत हो रहा है। उनके अनुसार बाबा ने जिस वाहन को रोका था, उसमें किराने का सामान था और गोतस्करी की कोई पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया गया है और वह खुद भी घायल है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है, लेकिन फिलहाल हत्या की बात सामने नहीं आई है।

गौरक्षकों का आरोप—‘साजिश के तहत कुचला गया’

दूसरी तरफ, गौरक्षक संगठनों का आरोप है कि बाबा को जानबूझकर निशाना बनाया गया। उनका कहना है कि यह सामान्य दुर्घटना नहीं हो सकती, क्योंकि बाबा लंबे समय से गौ-तस्करी के खिलाफ सक्रिय थे। उन्होंने पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की। समर्थकों का कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, आंदोलन जारी रहेगा।

ब्रज में शोक, सरकार अलर्ट… CM ने दिए जांच के आदेश

फरसा वाले बाबा की मौत से पूरे ब्रज क्षेत्र में शोक की लहर है। ग्रामीणों और समर्थकों का कहना है कि बाबा हमेशा गौ-सेवा और रक्षा के लिए आगे रहते थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया है और अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन अब हर पहलू को खंगालने में जुट गया है, ताकि सच सामने आ सके और हालात सामान्य हो सकें।

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