बदायूं के उझानी क्षेत्र में तड़के बरेली-मथुरा हाईवे पर बरातियों से भरी निजी बस की रोडवेज से आमने-सामने टक्कर हो गई। तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक घायल हैं। चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। शादी की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं।
तड़के पांच बजे मौत से सामना
Badaun जिले के उझानी कोतवाली क्षेत्र में सुबह करीब पांच बजे ऐसा भीषण हादसा हुआ जिसने कई परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। कासगंज से शाहजहांपुर गई एक बरात रातभर जश्न के बाद वापस लौट रही थी। निजी बस में करीब 55 लोग सवार थे।जैसे ही बस गांव जिला के पास बरेली-मथुरा हाईवे पर पहुंची, सामने से आ रही बदायूं डिपो की रोडवेज बस से सीधी टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बसों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
खुशियों की बस बनी मातम की सवारी
बरात कासगंज के सहावर थाना क्षेत्र के गांव नगला भम्मा निवासी प्रेमपाल के बेटे राजवीर की थी। शादी की रस्में पूरी कर लौट रही बस में गीत-संगीत की जगह अचानक चीख-पुकार गूंजने लगी।टक्कर के बाद कई यात्री सीटों से उछल पड़े। कुछ लोग बस के अंदर फंस गए। शीशे टूटकर बिखर गए और लहूलुहान बराती मदद के लिए चिल्लाने लगे।
तीन घरों के चिराग बुझ गए
हादसे में ईशेपुर निवासी योगेश (32), बीवी सलेमपुर निवासी सोनू (21) और उझानी के कछला वार्ड नंबर पांच निवासी किशन (14) की मौके पर ही मौत हो गई। करीब 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें जीतू, वासु, सुरेश, मुरारी लाल, अभिषेक, मुन्नालाल, सत्यवीर, निछत्र पाल और राम सुशील शामिल हैं। चार की हालत गंभीर होने पर उन्हें बरेली रेफर किया गया है। घायलों को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
हाईवे पर अफरातफरी और लंबा जाम
हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बस के शीशे तोड़े और दरवाजे उखाड़कर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। क्रेन बुलाकर दोनों बसों को हटाया गया, तब जाकर यातायात सामान्य हो सका।
शुरुआती जांच में क्या संकेत?
Uttar Pradesh Police के स्थानीय अधिकारियों के अनुसार हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्राथमिक तौर पर तेज रफ्तार और आमने-सामने टक्कर को वजह माना जा रहा है, हालांकि ब्रेक फेल या ड्राइवर की लापरवाही जैसे पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी। बसों के चालकों की स्थिति और मेडिकल जांच रिपोर्ट भी अहम होगी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटा रही है।
शादी से शोक तक… घरों में पसरा मातम
जिन घरों में अभी कुछ घंटे पहले तक ढोलक की थाप थी, वहां अब सन्नाटा और रोने की आवाजें गूंज रही हैं। परिजन बदहवास हैं। गांवों में शोक की लहर है। नाबालिग किशन की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। परिवार का कहना है कि वह पहली बार इतनी दूर बरात में गया था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह सफर आखिरी साबित होगा।
हाईवे सुरक्षा फिर सवालों के घेरे में
यह हादसा एक बार फिर हाईवे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर गया है। क्या तड़के के समय तेज रफ्तार ने जान ली? क्या ड्राइवर थका हुआ था? क्या ओवरलोडिंग या यातायात नियमों की अनदेखी हुई? प्रदेश में सड़क हादसों के आंकड़े पहले ही चिंताजनक हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी की बसों में नियमित फिटनेस जांच और चालकों की ड्यूटी शिफ्ट का सख्ती से पालन जरूरी है।