नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में नियमित जगह बनाने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज से पहले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा सलामी बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए टीम संयोजन में तत्काल बदलाव करना आसान नहीं है। हालांकि, उन्होंने 15 वर्षीय वैभव की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य बताया और विदेशी परिस्थितियों में अनुभव हासिल करने को उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण करार दिया।
अभिषेक और संजू की शानदार फॉर्म से बढ़ी चुनौती
श्रेयस अय्यर ने कहा कि भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों ने टी20 विश्व कप में भारत की खिताबी जीत में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे में शानदार लय में चल रहे बल्लेबाजों को बाहर बैठाकर किसी नए खिलाड़ी को मौका देना आसान फैसला नहीं होगा। अय्यर ने स्पष्ट किया कि वैभव सूर्यवंशी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन टीम में जगह बनाने के लिए उन्हें सही अवसर का इंतजार करना होगा। भारतीय टीम प्रबंधन फिलहाल अपने सफल बल्लेबाजी संयोजन में अनावश्यक बदलाव करने के पक्ष में नहीं है।
ड्रेसिंग रूम में वैभव का मनोबल बनाए रखना जरूरी
भारतीय कप्तान ने युवा बल्लेबाज के आत्मविश्वास और मनोबल को बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैभव जैसी प्रतिभा को ड्रेसिंग रूम में खुश रखना बेहद जरूरी है। वह अभी काफी युवा हैं और उनके सामने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को साबित करने के लिए लंबा समय है। अय्यर के मुताबिक, वैभव को यह समझना होगा कि टीम में चयन केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन पर निर्भर नहीं करता, बल्कि मौजूदा खिलाड़ियों की फॉर्म और टीम की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाता है। टीम प्रबंधन चाहता है कि वैभव बिना किसी अतिरिक्त दबाव के अपनी बल्लेबाजी को और निखारें।
आठ टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में मिल चुका मौका
वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया है। इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में चुने जाने के बाद वह इस वर्ष भारत के 21 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में से आठ में मैदान पर उतर चुके हैं। एशियाई खेलों के दौरान भी वैभव को सलामी बल्लेबाज के रूप में अवसर दिया गया था। उस समय संजू सैमसन ने उनके लिए अपना ओपनिंग स्थान छोड़कर तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी की थी। इससे स्पष्ट होता है कि टीम प्रबंधन जरूरत पड़ने पर युवा बल्लेबाज को अवसर देने के लिए बल्लेबाजी क्रम में बदलाव कर सकता है।
न्यूजीलैंड की परिस्थितियों से मिलेगा महत्वपूर्ण अनुभव
श्रेयस अय्यर ने न्यूजीलैंड दौरे को वैभव सूर्यवंशी के भविष्य के लिए बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि विदेशी धरती पर खेलने और वहां की परिस्थितियों को करीब से समझने का अनुभव किसी भी युवा क्रिकेटर के लिए महत्वपूर्ण होता है। न्यूजीलैंड की पिचों पर गेंद की उछाल और तेज गेंदबाजों को मिलने वाली मदद भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे में वैभव को यहां की परिस्थितियों को समझने और अपनी तकनीक में सुधार करने का अवसर मिलेगा। अय्यर का मानना है कि इस दौरे पर हासिल अनुभव भविष्य में वैभव के काम आएगा। अगली बार जब वह न्यूजीलैंड या इसी तरह की परिस्थितियों वाले किसी अन्य देश का दौरा करेंगे, तो अधिक बेहतर तैयारी के साथ मैदान पर उतर सकेंगे।
फिलहाल इंतजार, भविष्य में मिल सकते हैं बड़े अवसर
वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी और कम उम्र में हासिल उपलब्धियों ने उनसे उम्मीदें बढ़ा दी हैं। हालांकि, भारतीय टीम में पहले से मौजूद अनुभवी और शानदार फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह पक्की करना उनके लिए बड़ी चुनौती है। श्रेयस अय्यर के बयान से संकेत मिलता है कि टीम प्रबंधन वैभव को जल्दबाजी में नियमित प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनाने के बजाय धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार करना चाहता है। अब देखना होगा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में इस युवा बल्लेबाज को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है या उन्हें अभी कुछ और समय इंतजार करना पड़ेगा।