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UP NEWSकेसर चीनी मिल

बहेड़ी। लंबे समय से बंद पड़ी केसर चीनी मिल के दोबारा संचालन की उम्मीद लगाए बैठे किसानों को बड़ा झटका लगा है। केसर चीनी मिल के प्रबंध निदेशक हर्ष किलाचंद ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी सूरत में चीनी मिल का संचालन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि मिल की भूमि की नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। मिल को खरीदने वाला व्यक्ति यदि इसका संचालन करना चाहे तो उसे पूरी तरह तैयार मिल मिलेगी।

सोमवार दोपहर किसानों ने चीनी मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरद मिश्रा से बकाया गन्ना भुगतान को लेकर बातचीत की। इसके बाद वीडियो कॉल के माध्यम से किसानों की मिल के प्रबंध निदेशक हर्ष किलाचंद से वार्ता कराई गई। बातचीत के दौरान किसानों ने मिल को दोबारा चालू करने और गन्ना भुगतान की समस्या का समाधान करने की मांग उठाई।

किसानों से बोले मिल मालिक, अब संचालन संभव नहीं

प्रबंध निदेशक हर्ष किलाचंद ने किसानों से कहा कि चीनी मिल एक सार्वजनिक कंपनी है। ऐसे में कोई अकेला व्यक्ति इसे अपनी मर्जी से नहीं चला सकता। उन्होंने बताया कि पिछले साल मिल प्रबंधन ने स्वयं धन लगाकर किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किया था। मिल परिसर में बिजली उत्पादन भी किया जाता है, लेकिन सरकार की ओर से बिजली खरीद की दरों में 40 प्रतिशत की कटौती किए जाने से आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि बैंक से लिया गया कर्ज करीब 20 साल के सरकारी भरोसे पर आधारित था, लेकिन छह-सात वर्षों में ही गन्ने के दाम घटा दिए गए। मिल प्रबंधन को संचालन के लिए प्रतिदिन लगभग सात हजार क्विंटल गन्ने की आवश्यकता होती है, जबकि इतनी मात्रा में गन्ने की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके चलते मिल को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

431 करोड़ रुपये का चेक बाउंस, खरीदार को नोटिस

केसर चीनी मिल की खरीद को लेकर भी विवाद सामने आया है। मिल प्रबंधन के अनुसार, अवैध फ्रूट्स एंड मल्टी वेयर हाउस प्राइवेट लिमिटेड ने चीनी मिल खरीदने के लिए 431 करोड़ रुपये का चेक दिया था, जो बैंक में बाउंस हो गया। इसके बाद चीनी मिल की ओर से संबंधित कंपनी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।

24 अक्टूबर को होगी मिल की भूमि की नीलामी

केसर चीनी मिल के नाम बहेड़ी तहसील क्षेत्र में लगभग 28 एकड़ भूमि दर्ज है। इस भूमि की नीलामी 24 अक्टूबर को सुबह 11 बजे प्रस्तावित है। नीलामी को लेकर विज्ञापन भी प्रकाशित किया जा चुका है। मिल प्रबंधन को भूमि की नीलामी से करीब 35 से 50 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है। हालांकि, मिल को बेचने के लिए दो पक्षों से बातचीत बिगड़ चुकी है। अब तीसरे पक्ष से वार्ता चल रही है। प्रबंधन को उम्मीद है कि इस बार बातचीत सकारात्मक नतीजे तक पहुंच सकती है।

चेक बाउंस मामले में प्रशासन करेगा कार्रवाई

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि चेक बाउंस होने का मामला क्रेता-विक्रेता के बीच का है। इसमें प्रशासन की कोई जिम्मेदारी नहीं है। संबंधित पक्ष कानूनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि केसर चीनी मिल की कुछ भूमि की नीलामी के लिए तहसील स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान हरजीत सिंह, यशवीर सिंह, अमरजीत सिंह, श्रीराज सिंह, जसवीर सिंह, अजय सिंह, रणवीर सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

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