बरेली। शहर के चर्चित सचिन अग्रवाल अपहरण कांड में बारादरी थाना पुलिस को दो साल तीन महीने बाद बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अपहरण के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दूसरे आरोपी अनूप यादव उर्फ कल्लू यादव को मध्य प्रदेश के दतिया जिले से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में अपहरण की साजिश और पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद से जुड़ी अहम जानकारी दी है। इस मामले में मुख्य आरोपी गुरजीत सिंह को पुलिस जुलाई 2024 में ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
मामला 10 जुलाई 2024 का है। पुलिस के अनुसार, सचिन अग्रवाल का गुरजीत सिंह पुत्र सुखवीर सिंह निवासी सतीशनगर, सिविल लाइन, झांसी से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के चलते गुरजीत सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर सचिन अग्रवाल का अपहरण करने की योजना बनाई। आरोपियों ने सचिन अग्रवाल को जबरन मारुति सुजुकी एस-क्रॉस कार में बैठाया और अपने साथ ले गए। घटना के अगले दिन 11 जुलाई 2024 को सचिन की पत्नी ने थाना बारादरी पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। इसके आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।
तीन दिन बाद पुलिस ने सकुशल बरामद किया था सचिन को
अपहरण की घटना सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई थी। तत्कालीन एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीम गठित कर अपहृत सचिन अग्रवाल की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 13 जुलाई 2024 को सचिन अग्रवाल को सकुशल बरामद कर लिया था। इसी दौरान मुख्य आरोपी गुरजीत सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, लेकिन उसका साथी अनूप यादव उर्फ कल्लू यादव पुलिस की गिरफ्त से बचकर फरार हो गया था। जांच के दौरान अनूप यादव उर्फ कल्लू यादव पुत्र सुरेश यादव निवासी ग्राम नीचरौली, जनपद दतिया, मध्य प्रदेश का नाम सामने आया था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। बारादरी थाना पुलिस ने सर्विलांस की सहायता से आरोपी की जानकारी जुटाई और सोमवार को मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्थित उसके गांव नीचरौली से उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में कबूला, परिजनों से रुपये मांगने के लिए किया था अपहरण
पुलिस पूछताछ में आरोपी अनूप यादव ने बताया कि गुरजीत सिंह उसका परिचित था। गुरजीत ने उसे बताया था कि सचिन अग्रवाल से उसका पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा है। उसने सचिन को जबरन उठाकर ले जाने और फिर उनके परिजनों से रुपये मांगने की योजना बताई थी। अनूप के मुताबिक, वह गुरजीत के साथ इस योजना में शामिल हो गया। दोनों ने अन्य साथियों के साथ मिलकर 10 जुलाई 2024 को सचिन अग्रवाल को जबरन कार में बैठाकर अगवा कर लिया और उनके परिवार से रुपये मांगे। आरोपी ने पुलिस को बताया कि 13 जुलाई 2024 को पुलिस ने सचिन को बरामद कर गुरजीत को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि वह मौके से भाग निकला। इसके बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार छिपकर रह रहा था।
बारादरी पुलिस की टीम ने की कार्रवाई
इस गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक बिजेन्द्र सिंह, मॉडल टाउन चौकी प्रभारी सौरभ डेढ़ा, कांस्टेबल नितिन देशवाल, निखिल तोमर और रोहित चौधरी शामिल रहे। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी को रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है। करीब 27 महीने पुराने अपहरण कांड में दूसरी गिरफ्तारी के बाद पुलिस की विवेचना में एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई हुई है।