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bareillyनिरीक्षण करते अधिकारी।

बरेली। कभी सफाई और जल संरक्षण की चुनौतियों से जूझ रही नकाटिया नदी को नई जिंदगी देने की कोशिशें अब केंद्र सरकार का भी ध्यान खींच रही हैं। शनिवार को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव जैगम अली खान बरेली पहुंचे। उन्होंने छावनी परिषद क्षेत्र में चल रहे नकाटिया नदी पुनर्जीवन अभियान का जायजा लिया। नदी की सफाई, पानी बचाने और जमीन के अंदर पानी का स्तर बढ़ाने के लिए किए जा रहे कामों को देखा। इस दौरान उन्होंने छावनी परिषद की मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. तनु जैन के प्रयासों की जमकर तारीफ की। उन्होंने नदी को बचाने की इस मुहिम को दूसरे क्षेत्रों के लिए भी एक अच्छी मिसाल बताया।

जल शक्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव जैगम अली खान ने नकाटिया नदी के पुनर्जीवन स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने नदी की सफाई, आसपास हरियाली बढ़ाने और बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने के लिए किए जा रहे कामों की जानकारी ली। इस दौरान डॉ. तनु जैन ने उन्हें बताया कि नदी को फिर से बेहतर स्थिति में लाने के लिए अब तक क्या-क्या काम किए गए हैं और आगे क्या करने की तैयारी है। उन्होंने नदी को स्वच्छ बनाने में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने की योजना भी साझा की।

डॉ. तनु जैन ने खोला पूरा प्लान, बताया कैसे लौटेगी नदी की रौनक

निरीक्षण के बाद छावनी परिषद कार्यालय में डॉ. तनु जैन ने संयुक्त सचिव और उनकी टीम के सामने नकाटिया नदी को लेकर तैयार की गई कार्ययोजना रखी। उन्होंने बताया कि नदी की सफाई के साथ बारिश का पानी बचाने, भूजल स्तर सुधारने और नदी के आसपास हरियाली बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। मकसद सिर्फ नदी से गंदगी हटाना नहीं, बल्कि उसे लंबे समय तक साफ और सुरक्षित बनाए रखना है। नकाटिया नदी के लिए किए जा रहे कामों से संयुक्त सचिव जैगम अली खान प्रभावित नजर आए। उन्होंने डॉ. तनु जैन के नेतृत्व में चल रहे नदी पुनर्जीवन और जल संरक्षण अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास सकारात्मक और अनुकरणीय हैं। साथ ही इन कामों को लगातार जारी रखने पर जोर दिया, ताकि नदी संरक्षण और जल सुरक्षा के बेहतर नतीजे सामने आ सकें।

सिर्फ गंदगी हटाना मकसद नहीं, नदी को नई जिंदगी देने की तैयारी

डॉ. तनु जैन ने साफ किया कि नकाटिया नदी को लेकर छावनी परिषद की योजना सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं है। असली मकसद नदी को प्राकृतिक रूप से फिर से बेहतर बनाना है। इसके लिए जमीन के अंदर पानी का स्तर बढ़ाने, बारिश के पानी को बेकार बहने से रोकने और नदी के आसपास के पर्यावरण को सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसी व्यवस्था तैयार करने की कोशिश है, जिससे आने वाले वर्षों में भी नदी और जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके। नकाटिया नदी को बचाने की इस मुहिम में आम लोगों की भागीदारी भी अहम होगी। छावनी परिषद का जोर इस बात पर है कि नदी की सफाई और संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी बनकर न रह जाए, बल्कि स्थानीय लोग भी इससे जुड़ें। डॉ. तनु जैन के नेतृत्व में चल रही इस पहल का लक्ष्य नकाटिया नदी को साफ-सुथरा, हरा-भरा और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर बनाना है। केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी की सराहना से इस अभियान को नई पहचान मिली है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में ये प्रयास नकाटिया नदी की तस्वीर को कितना बदल पाते हैं।

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