बरेली। कभी नुमाइश में झूले के टिकट काटकर कमाई करने वाले युवकों के नाम पर फर्में खुलवाकर करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। बरेली में करीब 3.06 करोड़ रुपये की बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के मामले में पुलिस ने 31 वर्षीय अमन कश्यप को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस फर्म के जरिए करोड़ों रुपये का कारोबार कागजों में दिखाया गया, वह जांच में अपने पते पर मिली ही नहीं। गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे फर्म खुलवाने के बदले रुपये देने का लालच दिया गया था। शुरुआत में नकद रुपये भी मिले, लेकिन आयकर विभाग का नोटिस पहुंचने के बाद मामला उलझ गया।
पुलिस पूछताछ में अमन कश्यप ने बताया कि उसकी दोस्ती मोहल्ले के सचिन कुमार और अरुण कुमार से थी। कई साल पहले तीनों बिशप मंडप में लगने वाली नुमाइश में झूले के टिकट काटने का काम करते थे। इसी दौरान सचिन की मुलाकात मठ लक्ष्मीपुर निवासी प्रशांत गुप्ता से हुई। अमन के मुताबिक, प्रशांत ने सचिन को फर्म खुलवाकर कागजों में कारोबार दिखाने और इसके बदले मोटी कमाई करने का प्रस्ताव दिया। सचिन ने यह बात अपने दोनों दोस्तों को बताई। अच्छी कमाई की उम्मीद में अमन और अरुण भी तैयार हो गए। अमन ने पूछताछ में बताया कि प्रशांत गुप्ता तीनों को मिनी बाईपास स्थित पारस ट्रेडर्स पर ले गया था। वहां प्रशांत का भाई पारस और पिता सुभाष गुप्ता भी मौजूद थे। आरोप है कि फर्म खुलवाने के लिए उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो लिए गए। इसके बदले कारोबार के हिसाब से रुपये देने का भरोसा दिलाया गया। अमन के अनुसार, उसके और अरुण के लिए 55 हजार रुपये की रकम तय हुई थी। कुछ समय तक उन्हें नकद रुपये मिलते भी रहे। हालांकि, बाद में प्रशांत ने फोन उठाना बंद कर दिया।
कागजों में करोड़ों का कारोबार, मौके पर फर्म का नामोनिशान नहीं
मामले का खुलासा राज्य कर विभाग की जांच में हुआ। अमन कश्यप के नाम पर पंजीकृत एमएस जागेश्वर ट्रेडर्स का पता मौल्या मार्केट, छोटी बिहार, पीलीभीत बाईपास दर्ज था। विभाग की टीम जांच करने पहुंची तो वहां फर्म का कोई अस्तित्व नहीं मिला। शिकायत के मुताबिक, इस फर्म के जरिए फर्जी आईटीसी का लाभ लेकर दूसरे व्यापारियों को भी बोगस टैक्स क्रेडिट पास किया गया। इस पूरे मामले में करीब 3.06 करोड़ रुपये की कर चोरी का आरोप है। राज्य कर विभाग के उपायुक्त की शिकायत पर इज्जतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। पूछताछ में अमन ने बताया कि शुरुआत में सब कुछ सामान्य चल रहा था। उन्हें नकद रुपये मिल रहे थे, लेकिन बाद में संपर्क टूट गया। इसी बीच अरुण कुमार के पास आयकर विभाग का नोटिस पहुंच गया। नोटिस मिलने के बाद उन्हें अपने नाम पर चल रहे कारोबार को लेकर परेशानी होने लगी। अमन के मुताबिक, इसके बाद वे लोग छिपने लगे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्मों के नाम पर कितना कारोबार दिखाया गया और बोगस आईटीसी का फायदा किन-किन व्यापारियों तक पहुंचाया गया।
पूछताछ में सामने आए कई नाम, अब पुलिस खंगालेगी पूरा नेटवर्क
मामले की जांच कर रही एसआईटी जीएसटी और इज्जतनगर पुलिस की टीम ने गुरुवार रात बिहारीपुर सिविल लाइन स्थित अमन कश्यप के घर दबिश दी। पुलिस को अमन घर पर ही मिल गया। रात करीब 11:10 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अमन के खिलाफ इज्जतनगर थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। अमन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने प्रशांत गुप्ता, सचिन कुमार, अरुण कुमार सहित अन्य लोगों के नाम आए हैं। हालांकि, इन लोगों की भूमिका को लेकर फिलहाल अमन के बयान की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में सामने आए तथ्यों को साक्ष्यों से मिलाया जाएगा। जांच में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ आगे कार्रवाई की जाएगी।