बरेली। बरेली जंक्शन के जीआरपी थाने में मंगलवार को उस वक्त पुलिसकर्मी सक्रिय नजर आए, जब आईजी रेलवे लखनऊ रामकृष्ण भारद्वाज वार्षिक निरीक्षण करने पहुंचे। आईजी ने थाने के अपराध रिकॉर्ड से लेकर मालखाना, हवालात, शस्त्रागार और बैरकों तक की व्यवस्थाएं परखीं। पुलिसकर्मियों से हथियारों की हैंडलिंग कराकर उनकी तैयारियों का जायजा लिया। रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी अधिकारियों से सवाल-जवाब किए। लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए उन्हें जल्द निपटाने पर जोर दिया।
आईजी रामकृष्ण भारद्वाज ने सबसे पहले महिला हेल्प डेस्क का निरीक्षण किया। यहां महिलाओं और बालिकाओं की शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था देखी। उन्होंने पुलिसकर्मियों से शिकायतों को दर्ज करने और उन पर होने वाली कार्रवाई के बारे में जानकारी ली। महिला संबंधी मामलों में संवेदनशीलता बरतने और शिकायतों को प्राथमिकता देने की बात कही। ऑपरेशन मुस्कान और मिशन शक्ति अभियान के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की।
मालखाने से हवालात तक देखीं व्यवस्थाएं, अपराध के रिकॉर्ड खंगाले
इसके बाद आईजी ने थाने के मालखाने, शस्त्रागार, कंप्यूटर कक्ष, हवालात और बैरकों का निरीक्षण किया। उन्होंने थाने में रखे अभिलेखों को देखा और उनके रखरखाव की जानकारी ली। शस्त्रागार में हथियारों की स्थिति और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया। थाना परिसर की स्वच्छता व्यवस्था भी देखी। इस दौरान अधिकारियों से थाने की व्यवस्थाओं और उपलब्ध संसाधनों के बारे में जानकारी ली।
बॉडी कैमरे और टैबलेट की जांच, पुलिसकर्मियों को बताया ‘यक्ष’ ऐप का इस्तेमाल
निरीक्षण के दौरान आईजी ने जीआरपी को उपलब्ध कराए गए आधुनिक उपकरणों की भी पड़ताल की। बॉडी वॉर्न कैमरे, टैबलेट और ब्लूटूथ स्पीकर समेत अन्य उपकरणों की कार्यक्षमता देखी। उन्होंने पुलिसकर्मियों से ड्यूटी के दौरान इन उपकरणों के इस्तेमाल की जानकारी ली। इसके अलावा उत्तर प्रदेश पुलिस के नए ‘यक्ष’ ऐप की खूबियों और उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण और निगरानी में आधुनिक तकनीक का बेहतर इस्तेमाल किया जाए।
त्योहारों से पहले परखी पुलिस की तैयारी, हथियारों की कराई हैंडलिंग
आगामी त्योहारों को देखते हुए आईजी ने जीआरपी की तैयारियों का भी जायजा लिया। आपात स्थिति और कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका से निपटने के लिए उपलब्ध दंगा नियंत्रण उपकरणों की समीक्षा की। पुलिसकर्मियों से हथियारों की हैंडलिंग कराई गई। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अपराधियों पर निगरानी बढ़ाने और यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया।
लंबित मामलों पर ली रिपोर्ट, पुलिसकर्मियों की समस्याएं भी सुनीं
आईजी ने थाने में लंबित विवेचनाओं और अन्य मामलों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि कितने मामलों की जांच लंबित है और उनके निस्तारण की क्या स्थिति है। विवेचनाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद पुलिसकर्मियों के साथ सैनिक सम्मेलन भी किया। इसमें पुलिसकर्मियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। आईजी ने संबंधित अधिकारियों से समस्याओं का समाधान कराने को कहा। इस दौरान एसपी रेलवे मुरादाबाद आशुतोष शुक्ला, सीओ रेलवे मुरादाबाद विश्वजीत सिंह समेत अन्य अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।