google.com, pub-7697724059714638, DIRECT, f08c47fec0942fa0
bareillyदिवाली तक टला UPI चार्ज का प्रस्ताव, त्योहार बाद फैसले पर नजर

15 अक्टूबर से लागू होने वाले प्रस्ताव पर फिलहाल रोक, 2000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क की चर्चा

त्योहारी सीजन में राहत

दिवाली और अन्य त्योहारों से पहले डिजिटल भुगतान करने वाले लोगों को राहत मिलने की खबर है। UPI भुगतान पर 15 अक्टूबर से प्रस्तावित शुल्क को फिलहाल टाल दिया गया है। त्योहारों के दौरान खरीदारी, लेनदेन और डिजिटल भुगतान बढ़ने के बीच इस फैसले को आम लोगों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, शुल्क को टालने के फैसले और उसकी आधिकारिक स्थिति की पुष्टि संबंधित प्राधिकरण के आदेश से होना जरूरी है।

2000 रुपये से अधिक के भुगतान पर चर्चा

सामने आई जानकारी के मुताबिक, 2000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव चर्चा में है। यदि यह शुल्क लागू होता है, तो भुगतान की राशि के आधार पर अतिरिक्त रकम देनी पड़ सकती है। उदाहरण के तौर पर, 2500 रुपये के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत की दर से 10 रुपये शुल्क बनता है। हालांकि, यह स्पष्ट होना जरूरी है कि प्रस्ताव सभी UPI लेनदेन पर लागू है या केवल किसी खास श्रेणी के भुगतान पर।

विरोध के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं

प्रस्तावित शुल्क को लेकर लोगों के बीच विरोध की चर्चा है। डिजिटल भुगतान को आसान और लोकप्रिय बनाने में UPI की अहम भूमिका रही है। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क की आशंका से छोटे कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं पर असर पड़ने की चिंता जताई जा रही है। दूसरी ओर, शुल्क किस तरह के लेनदेन पर लागू होगा और इसका भुगतान कौन करेगा, यह जानना भी जरूरी है।

दिवाली के बाद क्या होगा?

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में शुल्क लागू करने की नई तारीख स्पष्ट नहीं है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि दिवाली के तुरंत बाद शुल्क अनिवार्य रूप से लागू कर दिया जाएगा। उपभोक्ताओं को सलाह है कि वे आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें। ध्यान रहे, UPI से जुड़े शुल्क के नियम लेनदेन के प्रकार के अनुसार अलग हो सकते हैं और हर व्यक्ति से हर भुगतान पर शुल्क वसूलने का दावा सही नहीं माना जाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *