बरेली। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा ने अब अपना सबसे बड़ा दांव चल दिया है। प्रत्याशी हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार, 13 अक्टूबर को बरेली पहुंचेंगे। बरेली क्लब मैदान में उनकी जनसभा होगी। इस सीट के चुनाव प्रचार में पहली बार कोई मुख्यमंत्री उतर रहा है। ऐसे में योगी की जनसभा पर सबकी नजरें टिकी हैं। करीब साढ़े तीन घंटे के दौरे में मुख्यमंत्री की सभा से भाजपा शिक्षकों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी। उधर, प्रशासन और पुलिस ने कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।
शिक्षक एमएलसी चुनाव में योगी की एंट्री, भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत
अब तक इस चुनाव में भाजपा के मंत्री और संगठन के पदाधिकारी शिक्षकों से संपर्क कर वोट मांग रहे थे, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री खुद प्रचार की कमान संभालेंगे। भाजपा के ब्रज क्षेत्र और स्थानीय संगठन के नेता बरेली क्लब मैदान की जनसभा को सफल बनाने में जुटे हैं। पार्टी को उम्मीद है कि योगी आदित्यनाथ की सभा से हरि सिंह ढिल्लों को चुनाव में फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान ग्राम प्रहरियों के मानदेय में बढ़ोतरी की सौगात मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
भाजपा के सामने सपा और निर्दलीय की चुनौती, मैदान में 17 प्रत्याशी
इस चुनाव में भाजपा ने हरि सिंह ढिल्लों पर फिर भरोसा जताया है। समाजवादी पार्टी ने हाजी दानिश अख्तर को प्रत्याशी बनाया है, जबकि पूर्व एमएलसी संजय कुमार मिश्रा निर्दलीय मैदान में हैं। चुनाव में भाजपा और सपा समेत कुल 17 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें हरि सिंह ढिल्लों के पुत्र और दानिश अख्तर की पत्नी भी शामिल हैं। मतदान 23 अक्टूबर को होना है। ऐसे में मुख्यमंत्री की जनसभा को भाजपा के चुनाव प्रचार की अहम कड़ी माना जा रहा है।
2014 में बदला था समीकरण, 2020 में भाजपा ने छीन ली थी सीट
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लंबे समय तक शिक्षक संघ के शर्मा गुट का दबदबा रहा। वर्ष 2014 में वित्तविहीन शिक्षकों के समर्थन से संजय कुमार मिश्रा ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद दिसंबर 2020 में भाजपा के हरि सिंह ढिल्लों ने संजय कुमार मिश्रा को हराकर सीट पर कब्जा कर लिया। उस चुनाव में कॉन्वेंट स्कूलों और डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों का समर्थन भाजपा के लिए अहम माना गया था। अब भाजपा अपनी सीट बचाने में जुटी है, जबकि सपा और निर्दलीय प्रत्याशी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश कर रहे हैं। निवर्तमान एमएलसी हरि सिंह ढिल्लों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।