UP NEWSडीडीपुरम की सड़कों पर लगे मुरादाबाद नगर निगम के ड्रेन कवर

बरेली। सीएम ग्रिड योजना के तहत डीडीपुरम में बनाई जा रही सड़क में ऐसी लापरवाही सामने आई है, जिसने नगर निगम की पूरी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बरेली की सड़क पर ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया गया तो उसमें बरेली नगर निगम के नाम की जगह मुरादाबाद नगर निगम के नाम वाले ड्रेन कवर लगा दिए गए। मामला सामने आते ही नगर निगम ने कार्यदायी एजेंसी अनमोल एसोसिएट्स पर 10 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया। वहीं काम की निगरानी करने वाले इंजीनियरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

सीएम ग्रिड योजना के पहले चरण में डीडीपुरम समेत शहर के कई हिस्सों में सड़क और ड्रेनेज का काम कराया जा रहा है। योजना के लिए शासन से करीब 56 करोड़ रुपये की धनराशि मिली है। इतनी बड़ी रकम से चल रहे काम में जब ड्रेन कवर तक की पहचान नहीं देखी गई तो निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और साइट पर उसकी निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े होना लाजिमी है। सवाल यह है कि मुरादाबाद नगर निगम के नाम वाले कवर बरेली की साइट तक पहुंचे कैसे, इन्हें लगाने से पहले किसने जांच की, निरीक्षण करने वाले इंजीनियरों की नजर इन कवरों पर क्यों नहीं पड़ी।

पहले भी उठ चुके हैं काम की गुणवत्ता पर सवाल

यह पहली बार नहीं है जब सीएम ग्रिड के काम को लेकर सवाल खड़े हुए हों। कार्यदायी एजेंसी अनमोल एसोसिएट्स के काम में पहले भी सड़क निर्माण और यूटिलिटी लाइन को लेकर आपत्तियां सामने आ चुकी हैं। नगर निगम अधिकारियों के निरीक्षण के बाद कुछ हिस्सों को दोबारा खुदवाकर निर्माण कराया गया था। अब ड्रेन कवर का मामला सामने आने के बाद एजेंसी की गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था फिर सवालों के घेरे में है। मामला सिर्फ गलत नाम वाले कवर लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे यह भी सवाल उठ रहा है कि निर्माण सामग्री की साइट पर पहुंचने से लेकर उसके इस्तेमाल तक निगरानी किस स्तर पर की जा रही है।

ठेकेदार पर 10 लाख की चोट, इंजीनियरों से जवाब तलब

मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने जांच कराई। जांच के बाद कार्यदायी एजेंसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही संबंधित इंजीनियरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अब यह भी देखा जा रहा है कि गलत ड्रेन कवर कितनी संख्या में लगाए गए और उन्हें कहां-कहां इस्तेमाल किया गया।

56 करोड़ की योजना, फिर भी बार-बार गड़बड़ी

सीएम ग्रिड जैसी करोड़ों रुपये की योजना में लगातार सामने आ रही खामियों ने निगरानी तंत्र की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी तो तय हो रही है, लेकिन सवाल उन अधिकारियों की भूमिका पर भी है, जिनकी निगरानी में यह पूरा काम चल रहा है। आखिर निरीक्षण के दौरान गलत नाम वाले ड्रेन कवर दिखाई क्यों नहीं दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की योजना में सिर्फ जुर्माना लगाकर जिम्मेदारी पूरी नहीं होनी चाहिए। कमिश्नर और डीएम को भी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए। इससे यह साफ होगा कि गलती सिर्फ ठेकेदार की थी या निगरानी में भी बड़ी चूक हुई है।

5 अक्टूबर तक पूरा होना है काम

नगर आयुक्त के मुताबिक एजेंसी को 5 अक्टूबर तक काम पूरा करके देना है। ऐसे में अब नगर निगम की नजर इस बात पर भी रहेगी कि एजेंसी निर्धारित समय में काम पूरा करने के साथ निर्माण की गुणवत्ता के मानकों का पालन करती है या नहीं। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया बरेली नगर निगम की जगह मुरादाबाद नगर निगम के नाम वाले ड्रेन कवर लगाने पर कार्यदायी एजेंसी अनमोल एसोसिएट्स पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इंजीनियरों को नोटिस भेजकर उनसे जवाब मांगा गया है। 5 अक्टूबर तक एजेंसी को कार्य पूरा करके देना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *